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सुप्रीम कोर्ट ने उठाया सवाल, अस्थायी नौकरी क्या होती है?

Sun, 14 Feb 2016 10:26 AM IST
Updated Sun, 14 Feb 2016 10:26 AM IST
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What is a temporary job ask supreme court

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अस्थायी नौकरी क्या होती है? अस्थायी नियुक्ति 15 या 30 दिनों के लिए हो सकती है लेकिन एक या दो वर्ष के लिए अस्थायी नियुक्ति कैसे हो सकती है।

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शीर्ष अदालत ने आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसायटी द्वारा संचालित स्कूल में वर्षों तक अस्थायी तौर पर नियुक्त शिक्षकों को स्थायी तौर पर नियुक्त करने का आदेश देते हुए ये टिप्पणी की है।
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शीर्ष अदालत ने कहा कि पीठ ने कहा कि अगर आप ऐसा नहीं कर सकते तो स्कूल बंद कर दीजिए। शीर्ष अदालत ने कहा कि हम सेना का समर्थन करते हैं लेकिन इस मामले में तो हम आपका कतई समर्थन नहीं कर सकते।

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अदालत ने कहा कि आपका आर्मी माइंड शिक्षकों के लिए नहीं है

What is a temporary job ask supreme court

न्यायमूर्ति एमआईए कलीफुल्लाह और न्यायमूर्ति एसए बोबडे की पीठ ने आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसासटी से कहा कि इन स्कूलों में जवानों के बच्चे पढ़ते है और उन बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों के साथ ऐसा बर्ताव कर रहे हैं। इन शिक्षकों को भी शांति से जीने का हक है।

पीठ ने सोसायटी की रवैये पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि आपका आर्मी माइंड शिक्षकों के लिए नहीं है। अस्थायी तौर पर नियुक्त शिक्षकों को लंबे समय तक अनिश्चितता केसाये में नहीं रखा जा सकता। आपके बच्चों के लिए शिक्षा जरूरी थी तो आपने अस्थायी शिक्षक नियुक्त कर लिया और आपका उद्देश्य पूरा हो गया तो आप शिक्षकों को हटाना चाहते हैं।

आपकी सोसायटी सेना केजवानों केकल्याण केलिए है लेकिन इस कल्याण के लिए शिक्षकों केसाथ समझौता नहीं किया जा सकता।

तो बंद कर दीजिए स्कूल

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सोसायटी की ओर पेश वरिष्ठ वकील वी गिरी ने कहा कि इन शिक्षक की नियुक्ति अस्थायी तौर पर की गई थी क्योंकि जब स्थायी शिक्षक वापस आ गए तो अस्थायी तौर पर रखे गए शिक्षकों को कैसे रखा जा सकता है।

उनकी नियुक्ति शुरुआत में एक वर्ष के लिए की थी। इस पर पीठ ने कहा कि एक साल की अवधि कम नहीं होती है। पीठ ने कहा कि आपने भारी गलती की है।

शीर्ष अदालत ने यह भ्री कहा कि हम सेना का समर्थन करते हैं लेकिन इस तरह के मामले का कतई समर्थन नहीं कर सकते। पीठ ने सोसायटी से दोटूक कहा कि इस मामले में आपके प्रति हमारी किसी तरह की संवेदना नहीं है।

मामले के मुताबिक, आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसायटी ने धौला कुआं और दिल्ली कैंट स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल में इन शिक्षकों को अस्थायी तौर पर नियुक्त किया था और बाद में उन्हें विस्तार भी दिया गया था।

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