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क्या हुआ जो कांशीराम को ही भूल बैठीं माया?
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 15 Mar 2014 03:51 PM IST
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इसे आम चुनाव का असर कहिए या बदलता नजरिया, मायावती इस बार स्वर्गीय कांशीराम का जन्मदिन नहीं मना रही। जी हां, 15 मार्च को बसपा संस्थापक का 80वां जन्मदिन है और मायावती लखनऊ जाकर उन्हें श्रद्धांजलि देने के बजाय दिल्ली में चुनावी रणनीति बना रही हैं।
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इस संबंध में दिल्ली स्थित मायावती के स्टाफ से पूछा गया तो उन्होंने कहा 'क्या कुछ और काम नहीं है यहां, स्टाफ के एक सदस्य ने कहा कि लखनऊ का प्लान नहीं है इस बार, बहनजी दूसरे राज्यों में चुनावी रैली करने जाएंगी, उनका टूर बन रहा है।
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उधर, लखनऊ में बसपा कार्यालय के सदस्य भी कांशीराम के जन्मदिन के बहाने माया से मिलना चाह रहे थे। इसी बहाने चुनाव प्रचार में लगे कार्यकर्ताओँ का मनोबल बढ़ जाता।
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सूत्र बता रहे हैं कि 2010 में जब मायावती सत्ता में थी कांशीराम के जन्मदिन पर भारी भरकम कार्यक्रम और खर्च पर विपक्ष के हंगामे के बाद मायावती इस दिन बड़ा कार्यक्रम करने और खासकर भाषण देने से बचती है।
लेकिन अपने प्रणेता को उसके जन्मदिन पर याद करने से भी बचना यही साबित कर रहा है कि मायावती के लिए इस समय चुनाव कांशीराम से ज्यादा मायने रखते हैं।