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अमेरिका दौरा: 'मोदी ने बातें बहुत की, पर कुछ किया नहीं'

Fri, 25 Sep 2015 06:46 PM IST
Updated Fri, 25 Sep 2015 06:46 PM IST
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What did modi get from amercia - Modi US Visit 2015

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर अमेरिका में हैं, वे फिर राष्ट्रपति बराक ओबामा से मिलेंगे, एक बार फिर उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ बैठकों का दौर चलेगा और एक बार फिर कई जगहों पर मोदी-मोदी के नारे गूंजेंगे।

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मोदी भारत की खूबियां गिनाएंगे, वहां बिजनेस करने का न्यौता देंगे, डिजिटल इंडिया के अपने सपने को अमेरिका के सामने रखेंगे और भारत-अमेरिकी साझेदारी को नए मुकाम तक ले जाने की बात करेंगे। लेकिन कुछ बातें नई भी होंगी। अनुमान है कि कुछ लोग उनसे तीखे सवाल भी पूछेंगे।

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'भारत में स्थितयां नहीं बदली हैं'

What did modi get from amercia - Modi US Visit 2015

भारतीय मूल के जानेमाने निवेशक कंवल रेखी ने अमेरिकी मीडिया को दिए बयान में कहा है कि जिससे भी बात करो, वही निराश है, क्योंकि भारत में स्थितयां नहीं बदली हैं।

कंवल रेखी ने कहा है, "मैं उनसे पूछना चाहूंगा कि आपने जो वादे किए थे, उनका क्या हुआ?। मेरी उम्मीद अब खत्म हो रही है। उन्होंने बातें बहुत की हैं, लेकिन कुछ खास किया नहीं है।"

अमेरिकी उद्योग जगत ने दो दिन पहले ही बयान दिया था कि भारत की नौकरशाही में कोई बदलाव नहीं दिख रहा और वहां कुछ भी कर पाना नामुमिकन सा लगता है।

यह सवाल पूछे जाने पर भारतीय अधिकारी रक्षा, आतंकवाद, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग की बात करने लगते हैं।

रिश्तों में गर्माहट

What did modi get from amercia - Modi US Visit 2015

लेकिन अगर आम भारतीयों की नज़र से देखें, तो मोदी के अमेरिकी दौरे से ऐसे क्या हुआ कि बीते साल भर में उनकी ज‌िंदगी बदल गई हो या बदलने वाली हो?

वाशिंगटन के थिंक टैंक में कई लोग हैं जो भारत-अमेरिका रिश्तों पर बारीक नजर रखते हैं। उनमें से कुछ लोगों का मानना है कि रिश्तों में गर्माहट आई है, ओबामा और मोदी की केमिस्ट्री बनी है। लेकिन पांच ठोस उपलब्धियां गिनाना मुश्किल है।

वाशिंगटन के सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक ऐंड इंटरनैशनल स्टडीज़ में भारत-अमेरिकी रिश्तों पर खासी पकड़ रखनेवाले रिचर्ड रूसो ने बीबीसी हिंदी के अनुरोध पर ऐसी पांच चीजों की सूची तैयार करने की कोशिश की। उनका कहना था कि इनमें से सीधे तौर पर आम आदमी के लिए तो कुछ भी नहीं है, फिर भी उन्हें उपलब्धियां मानना चाहिए।

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पांच उपलब्धियां

What did modi get from amercia - Modi US Visit 2015

एशिया-प्रशांत और हिंद महासागर क्षेत्र के लिए एक साझा समझौते पर हस्ताक्षर: उनके शब्दों में, ये कागज के टुकड़े से ज्यादा कुछ भी नहीं है। लेकिन अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के क्षेत्र में दोनों ही देश जो भी कर रहे हैं, उसकी बुनियाद रखता है।

रक्षा टेक्नोलॉजी और वाणिज्य समझौता: यह एक छोटा मगर ठोस कदम है, क्योंकि दौड़ने से पहले चलना ज़रूरी होता है।
व्यापार: साल 2015 के पहले सात महीनों में दोतरफा व्यापार 5।7 फीसदी बढ़ा है।

निवेश बढ़ा

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विदेशी निवेश: पिछले साल के पहले छह महीनों के मुकाबले इस साल के पहले छह महीनों में विदेशी निवेश 30 प्रतिशत बढ़ा है। लेकिन सिर्फ अमेरिकी कंपनियों ने कितना निवेश किया है, इसके आंकड़े सामने नहीं आए हैं।

आपसी अड़चनों में कमी: अमेरिकी विमानन विभाग ने भारतीय विमानन विभाग को एक बार फिर कैटेगोरी-1 का दर्जा दे दिया है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने भी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी कानून के मामले पर भी भारत का दर्जा कम नहीं किया है।

लेकिन उसे निगरानी रखे जानेवाले देशों की सूची से बाहर भी नहीं किया है। अमेरिकी विश्लेषकों का कहना है कि डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट में अमेरिकी भागीदारी पर कुछ भी साफ नहीं है।

इंटरनेट कंपनियों को क्या मिलेगा?

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क्या भारत गूगल, फेसबुक या माइक्रोसॉफ्ट को भारत में आखिरी मील तक इंटरनेट पहुंचाने के कार्यक्रम में शामिल होने देगा? भारतीय अधिकारी इस सवाल पर चुप्पी लगा जाते हैं।

विश्लेषकों का कहना है कि मोदी इन कंपनियों को भारत से होनेवाले फायदे तो गिनाते हैं। लेकिन वे यह नहीं बताते कि उनकी तकनीक का भारत इस्तेमाल करेगा या नहीं।

वे यह भी नहीं बताते कि कांट्रैक्ट हासिल करने की रेस में इन कंपनियों को शामिल होने दिया जाएगा यह नहीं। प्रधानमंत्री बनने के बाद से अब तक मोदी 27 देशों का दौरा कर चुके हैं। अब हर जगह यह उम्मीद की जा रही है कि वे अपने वादे पूरे करें।

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