भूमि अधिग्रहण अध्यादेश पर ममता की चुनौती
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मोदी सरकार के भूमि अधिग्रहण अध्यादेश से ममता बनर्जी खफा हो गई हैं। उन्होंने ऐलान कर दिया है कि इस अध्यादेश को केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल में लागू नहीं कर पाएगी।
उन्होंने कहा है कि,"केंद्र सरकार भूमि अधिग्रहण अधिनियम में ऐसे संशोधन कर रही है जिससे बंदूक के बल पर जमीनें छीनी जाएंगी। लेकिन मैं जब तक जिंदा हूं किसी की जमीन छीनने नहीं दूंगी। मेरी लाश पर ही भूमि का अधिग्रहण होगा।"
ममता बनर्जी ने कहा कि मोदी सरकार में देश की स्थिति आपातकाल से भी बदतर हो गई है। उन्होंने लोगों से इस अध्यादेश की प्रतियां जलाने की भी अपील की।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार लोकतंत्र कि खिलाफ काम कर रही है। ममता ने ये सब बातें पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में एक रैली के दौरान कहीं।
ऐसा होगा नया भूमि अधिग्रहण कानून
दरअसल मोदी सरकार ने 2013 में बने भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन के अध्यादेश पर मुहर लगा दी है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ये संशोधित अध्यादेश कानून की शक्ल अख्तियार कर लेगा।
सरकार का दावा है कि मौजूदा भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को आसान बनाया गया है और अब पहले की अपेक्षा भूमि अधिग्रहण करना आसान होगा।
सस्ते घर, बुनियादी ढांचे का विकास, औद्योगिक कॉरीडोर, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप और रक्षा परियोजनाओं के लिए सरकार अब आसानी से जमीनों का अधिग्रहण कर सकती है।
सरकार ने अनिवार्य सहमति की शर्त को हटा दिया है हालांकि सरकार का दावा है कि मुआवजे और पुनर्वास की शर्तों में कोई ढ़ील नहीं दी गई है।