ममता के गढ़ में जीत के लिए 'प्लान भाजपा' तैयार
भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पार्टी की योजना अप्रैल महीने में संभावित इस चुनाव के लिए नए साल के पहले ही महीने में ही 100 उम्मीदवारों की घोषणा करेगी। इसी महीने में पार्टी अलग-अलग जगहों से चार यात्राएं निकालेगी।
इन यात्राओं के बहाने पार्टी के वरिष्ठ नेता और सरकार के वरिष्ठ मंत्री राज्य में डेरा डालेंगे। राज्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए पार्टी ने राज्य की 294 सीटों को ए, बी और सी के रूप में तीन श्रेणियों में बांटा है। ए श्रेणी में उन 70 सीटों को शामिल किया गया है, जिसमें लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी पहले और दूसरे स्थान पर रही थी।
इनमें कुछ सीटें ऐसी भी हैं जहां तीसरे नंबर पर रहने के बावजूद पार्टी खुद के लिए बेहतर संभावना देख रही है। बिहार विधानसभा चुनाव से सबक सीखते हुए भाजपा आलाकमान ने पश्चिम बंगाल में उम्मीदवारों के एलान में देरी न करने का फैसला किया है। रणनीतिकारों की योजना 15 से 19 जनवरी के बीच करीब सौ उम्मीदवारों के नाम घोषित करने की है।
यात्राओं का समापन करेंगे शाह
उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करने के बाद पार्टी 20 से 30 जनवरी के बीच
कूचबिहार, मुर्शिदाबाद, गंगा सागर और बीरभूम जिले से शुरू होने वाली
यात्राओं में अपनी पूरी ताकत झोंकेगी। ये यात्राएं सूबे के सभी विधानसभा
सीटों से गुजरेगी। यात्राओं में भ्रष्टाचार, आतंकवाद और कानून व्यवस्था
मुद्दे होंगे।
इन यात्राओं का समापन 31 जनवरी को कोलकाता में पार्टी
अध्यक्ष अमित शाह करेंगे। रणनीतिकारों की योजना इन यात्राओं में पार्टी के
वरिष्ठ नेताओं के साथ साथ सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों राजनाथ सिंह, सुषमा
स्वराज, अरुण जेटली, नितिन गडकरी, स्मृति ईरानी को जोड़ने की है।
इसके
अलावा पार्टी की योजना 21 फरवरी को 77000 बूथों पर अलग-अलग कार्यक्रम करने
की है। नई टीम में ऊर्जा भरने के लिए पार्टी ने राज्य के अध्यक्ष समेत 29
जिलों के अध्यक्षों को पहले ही बदल दिया है।