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पश्चिम बंगाल सरकार ने बढ़ाई मदरसों पर निगरानी

Tue, 08 Dec 2015 06:14 AM IST
Updated Tue, 08 Dec 2015 06:14 AM IST
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West Bengal govt Increased surveillance on madrasas

पड़ोसी बांग्लादेश में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) की गतिविधियां बढ़ने और राज्य से लगी सीमा पर इसके बढ़ते असर को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने तमाम सुरक्षा एजेंसियों को सीमावर्ती इलाकों में स्थित कुछ मदरसों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

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सरकारी सूत्रों ने बताया कि बांग्लादेश से लगे सीमावर्ती इलाकों के तमाम थानों को इस बारे में सतर्क कर दिया गया है। उनसे कुछ खास मदरसों में किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधियों पर निगाह रखने को कहा गया है। खुफिया विभाग लगातार इस बारे में सूचनाएं जुटा रहा है।
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विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मुर्शिदाबाद जिले के कुछ मदरसों में कुछ संदिग्ध लोगों के देखे जाने की सूचनाएं मिली हैं। ये लोग इन मदरसों में दो-तीन दिन ठहरने के बाद गायब हो जाते हैं। इसी वजह से तमाम संबंधित थानों को सतर्क कर ऐसे लोगों के बारे में पता लगाने को कहा गया है।उस अधिकारी का कहना था कि सीमावर्ती इलाकों में आईएस के लगातार लगाए जा रहे पोस्टरों से अपनी मंशा जाहिर कर दी है और वह अपने लड़ाकों की भर्ती के लिए इन मदरसों पर निगाहें गड़ाए बैठा है।
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बीते साल से हैं सतर्क

West Bengal govt Increased surveillance on madrasas

बीते साल दो अक्टूबर को बर्दवान जिले के खागड़ागढ़ के एक मकान में हुए विस्फोट ने राज्य में बांग्लादेशी उग्रवादी संगठन जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) के मजबूत नेटवर्क का खुलासा कर दिया था। वह बंगाल में भी अपने सदस्यों की भर्ती कर रहा था।

उसने बर्दवान जिले के सिमुलिया स्थित एक मदरसे में हथियारों व विस्फोटकों का प्रशिक्षण देने के लिए एक प्रशिक्षण शिविर भी खोल रखा था। पहले उस विस्फोट की जांच खुफिया विभाग को सौंपी गई थी, लेकिन बाद में इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी गई थी।

एनआईए को अपनी जांच के दौरान पता चला कि जेएमबी मुर्शिदाबाद, नदिया व मालदा जिलों के कई मदरसों का इस्तेमाल अपने प्रशिक्षण केंद्रों के तौर पर करता था। राज्य में ज्यादातर मदरसों को नियंत्रित करने वाले जमात-ए-उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख सिद्दीकुल्ला चौधरी ने कहा है कि उनके संगठन ने अपने सदस्यों से सतर्कता बरतने और संदिग्ध गतिविधियों के बारे में तुरंत सूचना देने को कहा है।

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