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नेताजी पर ममता चलेंगी एक और सियासी दांव

Wed, 23 Sep 2015 03:20 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 23 Sep 2015 03:20 PM IST
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WEST BENGAL GOVERNMENT WILL DISCLASSIFIED FILES BRTWEEN 1937 -47

नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी 64 फाइलों को सार्वजनिक करने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बात के संकेत दिए हैं कि अगले सप्ताह तक 1937-1947 के बीच कैबिनेट मिनट्स भी सार्वजनिक कर दिए जाएंगे।

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ममता ने विधानसभा में कहा कि केन्द्र सरकार को भी नेताजी से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने नेता जी से जुड़ी 64 फाइलें सार्वजनिक की।
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ममता ने यह भी कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में नेताजी के अपार योगदान का सही मूल्यांकन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार 1937 से 1947 के बीच की फाइलें सार्वजनिक की जाएंगी।

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अगले सोमवार तक संभावना

WEST BENGAL GOVERNMENT WILL DISCLASSIFIED FILES BRTWEEN 1937 -47

इससे यह भी सामने आएगा कि इस दौरान ब्रिटिश सरकरा ने क्या-क्या फैसले लिए थे। कैबिनेट द्वारा लिए गए इन फैसलों का सरकार डिजिटलाइजेशन भी करेगी। सूत्रों के मुताबिक ये अगले सोमवार तक किया जाएगा।

1937-1947 के बीच का ये वही दौर था जब आजादी के पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस दुनिया की निगाहों में आए और द्वितीय विश्वयुद्ध से के अंतिम दिनों से पहले वो गायब हो गए।

वहीं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा का कहना है कि प्रदेश सरकार इतने बड़े स्वतंत्रता सेनानी को केन्द्रबिंदु बना अप्रत्यक्ष रुप से राजनीति कर रही है।

भावनाओं से खेल रही है सरकार

WEST BENGAL GOVERNMENT WILL DISCLASSIFIED FILES BRTWEEN 1937 -47

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार आगामी विधानसभा चुनाव जीतने के लिए नेताजी के नाम पर लोगों की भावानाओं से खेल रही है।

राहुल के मुताबिक जब फाइलें केन्द्र सरकार द्वारा सार्वजनिक की जाएगीं तो भाजपा को कुछ नहीं होगा लेकिन कांग्रेस और कम्युनिस्ट लोगों को शर्मिंदा होना पड़ेगा।

राहुल का यह बयान केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार जल्द ही नेता जी से जुड़ी फाइलों पर फैसला लेगी।

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