LIVE ओबामा: आ गए ओबामा, मोदी करेंगे रिसीव
दूसरी बार भारत के दौरे पर आ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भव्य स्वागत के लिए देश पूरी तरह से तैयार है। इस दौरे को एशिया में शक्ति संतुलन के नए अध्याय के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि ओबामा पत्नी मिशेल के साथ दुनिया में प्रेम के सबसे बड़े प्रतीक ताजमहल का दीदार कर नहीं कर पाएंगे।
सऊदी अरब के दिवंगत सुल्तान शाह अब्दुल्ला की शोक सभा में शामिल होने के लिए रियाद जाने के चलते अमेरिकी राष्ट्रपति की आगरा यात्रा को अंतिम क्षणों में रद्द कर दिया गया। ओबामा ने इस पर खुद अफसोस जाहिर किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति शनिवार को वाशिंगटन से एयरफोर्स वन विमान से रवाना हुए।
उनका विमान रविवार सुबह 10 बजे पालम वायुसेना हवाई अड्डे पर उतरेगा। सितंबर में वाशिंगटन प्रवास के दौरान मोदी और ओबामा के बीच आपसी सामंजस्य को देखते हुए प्रधानमंत्री के प्रोटोकॉल को दरकिनार कर अमेरिकी राष्ट्रपति का स्वागत करने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा रहा है। उनके साथ अमेरिकी सांसदों और प्रभावशाली उद्योगपतियों का प्रतिनिधिमंडल भी आ रहा है।
राष्ट्रपति के भोज में होंगी बड़ी हस्तियां
ओबामा अपने दौरे की आधिकारिक शुरुआत राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित कर और पौधारोपण कर करेंगे। इसके बाद राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति का औपचारिक स्वागत करेंगे।
मोदी और ओबामा के बीच हैदराबाद हाउस में अहम वार्ता होगी। इस दौरान कई ऐतिहासिक करार होंगे। उच्चपदस्थ सरकारी सूत्रों के मुताबिक हैदराबाद हाउस में ओबामा और मोदी अकेले में भी कुछ देर बातचीत करेंगे। इस दौरान होने वाले करार में एशिया के शक्ति संतुलन में नया अध्याय शुरू करने की क्षमता है। एशिया में चीन को नियंत्रण में रखने के लिहाज से इस यात्रा को अहम माना जा रहा है।
राष्ट्रपति के भोज में होंगी बड़ी हस्तियां
ओबामा के सम्मान में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा दिए जाने वाले राजकीय भोज में पीएम मोदी, कैबिनेट के सदस्यों के अलावा अमिताभ बच्चन, सचिन तेंदुलकर, प्रियंका चोपड़ा, गुलजार, मुकेश अंबानी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया और राहुल गांधी भी शामिल होंगे।
ये हो सकते हैं समझौते
रक्षा क्षेत्र में तय हो सकता है 10 साल का मसौदा
रक्षा खरीद परिषद ने 120 अरब रुपये की खरीद को मंजूरी दी थी, भारत सरकार एफडीआई के रास्ते खोलकर दुनिया में मेक इन इंडिया का परचम लहराना चाहती है। ऐसे में अमेरिका चाहेगा कि प्रस्तावित खरीद का अधिकतम फायदा उसे ही मिले। रक्षा सौदों और तकनीकी लेनदेन के लिए चल रहे डिफेंस फ्रेमवर्क एग्रीमेंट में कई नए अहम बिंदुओं को जोड़ा जा रहा है।
इसे अगले 10 साल के लिए नवीनीकरण करार पर हस्ताक्षर होंगे। इसमें भारतीय खोजी हवाई और पानी के जहाज को अमेरिकी सेटेलाइट से जोड़ने संबंधी करार किया जाएगा। इसके साथ ही दोनों देश आपातकाल में लड़ाकू जहाजों के लिए एक दूसरे की जमीन इस्तेमाल करने और आसमान में तेल भरने की सुविधाओं पर हामी भर सकते हैं।
परमाणु करार में क्षतिपूर्ति के मुद्दे पर बातचीत
2008 के असैन्य परमाणु करार के मुताबिक भारत में परमाणु हादसा होने की स्थिति में क्षतिपूर्ति का दायित्व परमाणु आपूर्तिकर्ता और परमाणु कंपनी का होगा, जिसके लिए उस पर मुकदमा भी चलाया जा सकता है। अमेरिका चाहता है कि यह प्रावधान हटाया जाए। इसको लेकर दोनों देशों के बीच करार हो सकता है।
आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर दबाव की कोशिश
पाकिस्तान की जमीन से उठने वाले आतंकवाद का मुद्दा भारत अपने एजेंडे में कूटनीतिक रूप से रख सकता है। सूत्रों के मुताबिक ओबामा इस कोशिश में हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच अटके वार्ता के दौर को शुरू करने के उपाय किए जाएं। इसके अलावा ओबामा और मोदी आतंकवाद के खिलाफ भी नीति का ऐलान कर सकते हैं। बातचीत में पाकिस्तान के साथ अफगानिस्तान भी महत्वपूर्ण मुद्दा करेगा। अफगानिस्तान से हट रहे अमेरिकी सेना के बाद पाकिस्तान के मद्देनजर उपजने वाले हालात पर भी गंभीर चर्चा की उम्मीद है।
कार्बन उत्सर्जन घटाने को लेकर जलवायु परिवर्तन पर चर्चा
जलवायु परिवर्तन पर इसी वर्ष पेरिस सम्मेलन से पहले अमेरिका चाहता है कि भारत कार्बन उत्सर्जन की सीमा तय करे, जबकि भारत विकासशील देश होने के नाते आर्थिक जरूरतों के लिए इसे तय करना नहीं चाहता है।
एच1बी वीजा पर अहम कदम की उम्मीद
साथ ही एच1बी वीजा मामले में भी अहम कदम उठाए जाएंगे। साथ ही व्यापार और वाणिज्य की दिशा में भी अहम करार कर दोनों देश विश्व बाजार को नई परिभाषा दे सकते हैं।
सूत्रों का मानना है कि ओबामा इस दौरे में 500 अरब डालर के कारोबार का लक्ष्य ले कर आ रहे हैं। इस कारोबार में घाटा 1500 अरब रुपये का है क्योंकि अमेरिका का निर्यात भारतीय निर्यात से काफी ज्यादा है।
तीन शहरों को स्मार्ट बनाने पर भी हो सकता है करार
इलाहाबाद, अजमेर और विशाखापट्टनम को स्मार्ट शहर बनाने को लेकर दोनों देश समझौता कर सकते हैं। साथ ही सरकार महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी और 500 शहरों के नवीकरण की योजना में अमेरिकी कंपनियों के सहयोग संबंधी करार भी कर सकती है।
यह रहेगा ओबामा का यात्रा कार्यक्रम
रविवार, 25 जनवरी
10 बजे सुबह अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का एयरफोर्स वन विमान एयरफोर्स स्टेशन पालम पर उतरेगा।
12 बजे दोपहर राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओबामा का औपचारिक स्वागत करेंगे।
12:40 बजे राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे और पौधरोपण करेंगे। इसके बाद ओबामा हैदराबाद हाउस में मोदी के साथ भोजन करेंगे, जिसमें सीमित संख्या में लोग होंगे।
2:45 बजे दोपहर दोनों नेता वॉक एंड टॉक में हिस्सा लेंगे। दोनों नेता फिर प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत करेंगे जो करीब एक घंटे तक चल सकती है।
4:10 बजे के करीब दोनों नेता संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे।
7:35 बजे शाम ओबामा का आईटीसी मौर्या होटल में अमेरिकी दूतावास कर्मियों एवं उनके परिजनों से मुलाकात करेंगे।
7:50 बजे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के साथ राजकीय भोज में शामिल होने राष्ट्रपति भवन जाएंगे।
सोमवार, 26 जनवरी
पत्नी मिशेल के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति सोमवार को गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। बाद में ओबामा दंपति राष्ट्रपति भवन में आयोजित एट होम में शामिल होंगे। दोपहर में अमेरिकी राष्ट्रपति पीएम मोदी के साथ सीईओ फोरम गोलमेज में हिस्सा लेंगे। अमेरिकी-भारतीय बिजनेस सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
मंगलवार, 27 जनवरी
अमेरिकी राष्ट्रपति मंगलवार सुबह सीरी फोर्ट ऑडिटोरियम में संबोधन करेंगे और इसके बाद सऊदी अरब के दिवंगत सुल्तान को श्रद्धांजलि देने के लिए रियाद रवाना होंगे।
सात स्तरीय सुरक्षा घेरा
- 50, 000 सुरक्षा कर्मी रहेंगे तैनात
- 500 अमेरिकी सीक्रेट सर्विस एजेंट और स्पेशल फोर्स के जवान
- 15,000 सीसीटीवी कैमरे रखेंगे पल-पल की निगरानी
- 90 एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम रहेगी तैनात
- 20 से ज्यादा मेलिनोवा कुत्तों की राजपथ और होटल मौर्या शेरेटन में तैनाती
- परेड के दौरान क्षेत्र नो फ्लाई जोन रहेगा
- 71 इमारतें रहेंगी बंद
इस वजह से रद्द हुआ आगरा दौरा
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का पत्नी मिशेल के साथ ताजमहल के दीदार का कार्यक्रम अंतिम क्षणों में रद्द कर दिया गया। व्हाइट हाउस ने इसकी वजह बताते हुए कहा है कि ओबामा को सऊदी अरब के सुल्तान अब्दुल्ला के निधन के बाद अपनी संवेदनाएं जाहिर करने रियाद पहुंचना है।
सऊदी अरब और शाह अब्दुल्ला अमेरिका के काफी करीबी थे, इस वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद संवेदना जताने के लिए रियाद जाने का फैसला लिया। हालांकि दौरा रद्द होने की एक और वजह भी मानी जा रही है। खबरों के मुताबिक, इसका कारण सर्वोच्च अदालत का वह आदेश है, जिसके तहत ओबामा की गाड़ी को ताजमहल परिसर में ले जाने की अनुमति नहीं मिली।
अमेरिकी राष्ट्रपति के सीक्रेट सर्विस के एजेंट उन्हें बैटरी से चलने वाली गोल्फ कार्ट में ताजमहल घुमाने पर राजी नहीं हुए। अदालत का आदेश है कि सभी पर्यटक ताज महल से 500 मीटर पहले उतर जाएंगे और यहां से उन्हें गेट की ओर इलेक्ट्रिक बैटरी चालित वाहन से ही जाना होगा। ओबामा ने खुद के आगरा नहीं जा पाने पर अफसोस जताया है।