फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   weird decision of khap panchayat

खाप के अजब गजब फरमान, किसी को नहीं छोड़ा

Wed, 24 Feb 2016 07:06 PM IST
विनीता वशिष्ठ/अमर उजाला, दिल्ली
विनीता वशिष्ठ/अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 24 Feb 2016 07:06 PM IST
विज्ञापन
weird decision of khap panchayat

हरियाणा के करनाल में खाप पंचायत ने फरमान सुनाया कि समान गोत्र में शादी करने वाले पति को अपनी पत्नी को बहन मानकर उसे दस रुपए का शगुन देना होगा।

विज्ञापन


करनाल के तरावड़ी में रहने वाली पूनम की शादी जींद जिले के प्रवीण कुमार से हुई। शादी परंपरागत हिंदू रीति रिवाजों और पारिवारिक सहमति से हुई थी लेकिन छह महीने बाद ही ब्राह्मण समाज की पंचायत ने ससुर को आदेश दिया कि समान गोत्र में शादी गलत है और अब ये रिश्ता खत्म कर दें।
विज्ञापन


खाप ने फरमान सुनाया कि प्रवीण अपनी पत्नी पूनम से वैवाहिक रिश्ता खत्म करे और उसे बहन मानकर दस रुपए का शगुन दे।

खाप का कहना है कि पति और पत्नी दोनों ही कौशिक गोत्र के हैं और समान गोत्र में विवाह जायज नहीं है। पति पत्नी को अलग करने के लिए खाप तरह तरह से परिवार को प्रताड़ित कर रही है, परिवार का गांव में सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया। पीड़ित परिवार ने पुलिस से गुहार लगाई लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मजबूर होकर परिवार को अदालत का सहारा लेना पड़ा।

विज्ञापन
विज्ञापन

बेटी कहा न माने तो गंगा जी में बहा दो

weird decision of khap panchayat

बेटी को प्यार से समझाओ, ना माने तो गंगा जी दिखाओ। ये फरमान मुजफ्फरनगर के शाहपुर क्षेत्र की सर्वखाप पंचायत ने जारी किया था। खाप ने प्यार करने वाली लड़कियों को गंगा नदी में डुबाकर मारने की बात करने वाली खाप का कहना है जो लड़की कहना न माने उसे गंगा जी में डुबाकर मार डालना चाहिए। खाप के इस फरमान का शाहपुर की 36 बिरादरियों ने समर्थन किया था।

खाप का कहना था कि सगोत्र विवाह करने वाले पागल होते हैं और अगर कोई जानवर पागल हो जाए, तो उसे मारना ही पड़ेगा।

बालियान खाप के मुखिया और बीकेयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत का कहना है कि सगोत्र विवाह का विरोध हमारे बड़ों की परंपरा है, हम उसे नहीं तोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि वैसे भी इंटर तक की लड़कियों को मोबाइल की क्या जरूरत है? इस उम्र में पढ़ने लिखने की जरूरत है और लड़कियों को वही करना चाहिए। मोबाइल हाथ में आते ही लड़कियां प्यार के चक्कर में पड़ जाती हैं।

चोरी का माल न लौटाए तो भैंस उठा लो

weird decision of khap panchayat

सोचिए जरा, किस गरीब पर चोरी का आरोप लगे औऱ चोरी का माल बरामद न होने पर उसकी संपति छीन ली जाए तो क्या होगा। कुछ ऐसा ही 2014 में मुरैना जिले में हुआ जहां खाप पंचायत ने चोरी के आरोपी से माल न मिलने पर उसकी भैंस को ही उठवा लेने का आदेश दिया।

दरअसल मुरैना में दबंगों की एक रिश्तेदार जीप से जा रही थी और रास्ते में उसके जेवर चोरी हो गए। इसका आरोप गांव के एक आदिवासी परिवार पर लगा। जब तलाशी के दौरान भी जेवर नहीं मिले तो खाप ने कहा कि दबंग परिवार आदिवासी परिवार की भैंस उठा कर ले जाएं। जब परिवार चोरी के जेवर वापस करेगा तभी भैंस वापिस होगी।

मालूम हो कि इस गरीब आदिवासी परिवार के पास भैंस ही आमदनी का एकमात्र साधन थी। उसी का दूध बेचकर वो अपना घर चलाते थे।

प्रेमी की बहनों को निर्वस्त्र घुमाओ

weird decision of khap panchayat

अगस्त 2015  में बागपत जिले में जाटों की खाप पंचायत ने दो दलित लड़कियों से बलात्कार करने और उन्हें निर्वस्त्र घुमाने का आदेश दिया क्योंकि लड़कियों के भाई ने जाट परिवार की एक शादीशुदा लड़की से प्रेम किया था और उसे लेकर भाग गया था।

दलित लड़के के साथ गई जाट लड़की ने भी परिवार के डर से पुलिस को बयान दिया कि लड़का उसे बहकाकर ले गया था और उसके साथ जबरदस्ती की।

इसके बाद 'इज्जत का बदला इज्जत' के कायदे पर चलते हुए खाप पंचायत ने आदेश दिया कि लड़के की करनी की सजा उसके परिवार को मिलेगी और जाट परिवार के लोग लड़के की बहन से बलात्कार करेंगे।

इज्जत और जान बचाने के लिए लड़के की बहन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और तब जाकर उसे सुरक्षा मिली।

बदचलन बहू की नाक काट दो

weird decision of khap panchayat

क्या हो जब पंचायत किसी पीड़ित को ही सजा सुना दे। दिसंबर 2104 में राजस्थान में बाड़मेर जिले के लुहारवा गांव में खाप पंचायत ने एक शादीशुदा औरत की नाक काटने का फरमान सुना दिया। औरत का कसूर ये था कि उसने अपने ससुर के खिलाफ बलात्कार का मामला पुलिस के पास जाकर दर्ज करा दिया था।

दरअसल जब महिला का ससुर जमानत पर रिहा होकर वापस गांव आया तो उसने बहू को बदचलन कहते हुए पंचायत बुला ली। ससुर ने कहा कि उसने बहू का बलात्कार नहीं किया बल्कि बहू ही बदचलन है। इस पर खाप पंचायत ने महिला को बदचलन करार देते हुए उसकी नाक काटने का फरमान जारी कर दिया।

इतना ही नहीं महिला का साथ देने वाले मायके वालों का भी गांव में हुक्का पानी बंद करने का फरमान जारी हुआ। फरमान के बाद पंच नाक काटने के लिए महिला की तलाश करने लगे तो खौफ के साए में जी रही महिला को पुलिस थाने की शरण लेनी पड़ी।

लड़कियों के जींस पहनने से रोको

weird decision of khap panchayat

यूपी के ही 47 गांवों की एक खाप पंचायत लड़कियों के जींस-टॉप पहनने पर पाबंदी लगा चुकी है। 36 खापों की एकजुट महाखाप ने कहा था कि लड़कियों को तंग कपड़े नहीं पहनने चाहिए। वो जींस न पहने और मेकअप न करें। इससे माहौल खराब होता है और लड़कियों का पथभ्रष्ट होना तय है।

इसी महाखाप ने 2010 में आदेश दिया था कुंवारी लड़कियां व्हाट्सएप, फेसबुक, इंटरनेट से दूर रहें।

खाप का कहना है कि 18 साल के बाद ही लड़के या लड़की को मोबाइल दिया जाना चाहिए। इससे पहले वो फेसबुक देखते हैं, व्हाट्सएप देखते हैं, गंदी फिल्में देखते है और इससे उनका चरित्र पतन होता है।

40 साल से कम उम्र की महिलाएं बाजार न जाएं

weird decision of khap panchayat

अब भला बाजार का उम्र से क्या वास्ता लेकिन खाप को बाजार से भी परेशानी है। उत्तर प्रदेश के बागपत में खाप पंचायत ने फरमान सुनाया कि 40 साल से कम उम्र की महिलाएं अकेली बाजार न जाएं।

इस फरमान के लिए खाप पंचायत अध्यक्ष मोहकम पहलवान ने कहा कि जवान औरतें जब अकेली बाजार जाती हैं तो उनके साथ छेड़छाड़ होती है इसलिए जरूरी है कि वो अपने घर के पुरुष के साथ ही बाजार जाएं।

खाप ने कहा कि लड़कियां बाजार जाने के बहाने लड़कों से मिलती हैं और उनके प्रेम संबंध बाजारों से शुरू होते हैं। अंत में नतीजा मां बाप को भुगतना पड़ता है।

कुंवारी लड़कियां मोबाइल न रखें

weird decision of khap panchayat

दो दिन पहले ही उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ के बसौली गांव में खाप पंचायत ने 18 साल से कम उम्र की लड़कियों के मोबाइल फोन पर पूरी तरह रोक लगाने का फरमान जारी किया।

खाप का आदेश था कि 18 साल से कम उम्र की कुंवारी युवतियां मोबाइल फोन नहीं इस्तेमाल करेगी।

खाप ने अपने फरमान में ये भी कहा है कि अगर कोई युवती ऐसा करती हुई पाई गई तो उसके माता-पिता को 500 मीटर तक सड़क की सफाई करनी होगी और उन पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया जाएगा।

खाप के मुखिया रामवीर सिंह ने का तर्क है कि लड़कियां मोबाइल फोन के चलते ही जवान लड़कों के संपर्क में आती है जिससे आगे चलकर लड़कियों के खिलाफ अपराध बढ़ते हैं।

बाल विवाह तोड़ा तो 16 लाख रु. का जुर्माना

weird decision of khap panchayat

जोधपुर के लुनी तहसील में रोहिचान खुर्द गांव में एक लड़की ने अपना बाल विवाह तोड़ा तो खाप ने उस पर 16 लाख रुपए का जुर्माना लगा दिया।

लड़की की शादी उस वक्त तय की गई थी जब वो महज 11 माह की थी। लड़की स्नातक की पढ़ाई कर रही है और उसे तीन साल पहले पता चला कि एक समारोह में उसकी भी शादी पक्की कर दी गई थी।

लड़की ने शादी खत्म करने का फैसला किया तो मायके वाले तो मान गए लेकिन ससुराल वालों ने खाप पंचायत बुला ली और पंचायत ने परिवार पर 16 लाख रुपए का जुर्माना लगाते हुए उन्हें गांव से बहिष्कृत कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed