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1 डिग्री पर आया पारा, बुधवार सीजन का सबसे ठंडा दिन

Thu, 21 Jan 2016 06:02 AM IST
Updated Thu, 21 Jan 2016 06:02 AM IST
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wednesday was the most coldest day of this season

देर से ही सही ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार को तापमान लुढ़क कर न्यूनतम एक डिग्री सेल्सियस तक आ गया, जो मंगलवार की तुलना में 0.8 डिग्री सेल्सियस कम था। कोहरे और शीत लहर से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए।

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कई वर्षों में इस बार आधी जनवरी तक खास ठंड नहीं थी। लोग स्वेटर में दिन गुजार रहे थे। पहली बार सर्दी में तापमान अधिक रहने से मौसम वैज्ञानिक भी हैरान थे, लेकिन करीब चार दिन से मौसम ने अचानक करवट ली है।
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मंगलवार का दिन इस सीजन का सबसे ठंडा दिन बताया जा रहा था, जिसमें न्यूनतम तापमान 1.8 डिग्री सेल्सियस रहा था, मगर बुधवार को तापमान एक डिग्री सेल्सियस तक आ पहुंचा, जिसकी वजह से बुधवार कर दिन सीजन का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया।
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मंगलवार की रात नौ बजे से ही कोहरा छाना शुरू हो गया था। रातभर भारी कोहरे और अंधेरे की वजह से विजीबिलीटी कम हो गई थी, जिसकी वजह से देहरादून और दिल्ली हाईवे पर भारी वाहनों को रेंगकर सफर करना पड़ा।

बुधवार की सुबह कोहरा छाया रहा। मंगलवार की तुलना में लोगों ने बुधवार को अधिक ठंड महसूस की। ऐसे में सर्दी से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। सर्दी का असर बाजारों पर भी देखने को मिला रहा है।

मंगलवार को साप्ताहिक बंदी के बाद बुधवार को बाजार जरूर खुले, लेकिन भीड़ खरीदारी करने वालों की भीड़ उतनी नहीं थी, जितनी अन्य दिनों में रहती थी। हालांकि गर्म कपड़ों का बाजार जो अभी तक ठंडा चल रहा था, ठंड बढ़ने के साथ एकदम से गर्म हो गया है। ऐसे में गर्म कपड़ों का व्यवसाय करने वाले गदगद हैं।

संभलकर रहें दिल के मरीज

wednesday was the most coldest day of this season

नगर निगम भले ही नगर में 15 से 20 जगहों पर अलावा जलाने का प्रबंध करने का दावा कर रहा हो, मगर ऐसा है नहीं। निगम अफसरों द्वारा बताए गए स्थानों में से ज्यादातर पर अलाव की व्यवस्था नजर नहीं आ रही है।

बुधवार को भी रेलवे स्टेशन के बाहर अलाव तो जरूर नजर आई। उसमें निगम की लकड़ी नहीं बल्कि प्लास्टिक और कचरा था। स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर निगम जो लकड़ी डालता है वह गीली और मात्रा में काफी कम हैं, जिन्हें जला पाना आसान नहीं है।

उधर, रेलवे स्टेशन के बाहर बना रैन बसेरा भी छोड़ा पड़ता नजर आ रहा है। इसमें महिला और पुरुष एक साथ रहने को मजबूर हैं।

कोहरा और अधिक ठंड दिल और सांस के मरीजों के लिए घातक साबित हो सकती है। ऐसे में इन मरीजों को ठंड से बचने की हिदायत दी जाती है।

इस संबंध में डॉ. संजीव मिगलानी का कहना है कि कोहरे और ठंड में दिल के मरीजों को सुबह पांच बजे से दस बजे तक अधिक खतरा रहता है। ऐसे समय में दिल के मरीजों को बिस्तर में ही रहना चाहिए। साथ ही ऐसे मरीजों को सुबह का टहलना भी बंद कर देना चाहिए।

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