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'कभी पता नहीं लग पाएगी मृतकों की सही संख्या'
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Sun, 30 Jun 2013 08:42 PM IST
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा है कि यह कभी पता नहीं लग पाएगा कि इस आपदा में कितने लोगों की मौत हुई अथवा कितने लोग बाढ़ की पानी में बह गए।
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हालांकि बहुगुणा ने माना कि उत्तराखंड में हुई भारी तबाही में अभी भी लगभग तीन हजार लोग लापता हैं। उनके बारे में कोई सूचना नहीं है।
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गौरतलब है कि विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने शनिवार को कहा था कि इस आपदा में मरने वालों की संख्या 10 हजार हो सकती है।
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें इस आपदा में मारे गए लोगों के बारे में सही आंकड़ा मिलना काफी मुश्किल है। उन्होंने गोविंद सिंह कुंजवाल के आंकड़े को गलत बताया।
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इधर, टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तराखंड सरकार यदि मौसम विभाग की सूचना को गंभीरता से लेती तो आज सैकड़ों जिंदगियां और परिवार तबाह नहीं हुए होते।
मौसम विभाग ने 14 जून को ही राज्य सरकार को सचेत कर दिया था कि इस बार मौसम का मिजाज कुछ अलग रहने वाला है, भारी बारिश हो सकती है।
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मौसम विभाग ने सरकार को लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने के साथ-साथ चार धाम यात्रा को भी रद्द करने की सलाह दी थी। लेकिन राज्य सरकार ने इस सलाह को गंभीरता से नहीं लिया।
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मौसम विभाग ने राज्य के मुख्य सचिव, आपदा प्रबंधन केंद्र, आईटीबीपी और ओएसडी के कई आला अफसरों को इस बारे में सूचना दी थी, लेकिन किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई।
वहीं प्रदेश के आपदा प्रबंधन मंत्री यशपाल आर्य ने स्वीकार किया कि मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की थी लेकिन प्राकृतिक आपदा के व्यापक स्तर को देखते हुए प्रशासन बहुत सीमित प्रयास कर सकते थे क्योंकि क्षेत्रों में लाखों लोग फैले हुए थे।
उन्होंने कहा कि हमारे पास पूर्व सूचना थी लेकिन इतने बड़े पैमाने पर आपदा के आने का कोई संकेत नहीं दिख रहा था।