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कश्मीर में नहीं दोहराने देंगे 1990 जैसे हालातः चिदंबरम
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Tue, 13 Aug 2013 12:37 AM IST
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किश्तवाड़ हिंसा को लेकर विपक्ष की आलोचनाओं के शिकार हो रही जम्मू-कश्मीर सरकार के बचाव में आगे आए वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि इस हिंसा के लिए उमर सरकार दोषी नहीं है।
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चिदंबरम ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हालात नियंत्रण में हैं। केंद्र सरकार राज्य को हालात सुधारने में हरसंभव मदद देने को तैयार है। ऐसी स्थिति किसी सूरत में नहीं बनने दी जाएगी, जिससे 1990 जैसे हालात पैदा हों, जब अल्पसंख्यक लोगों राज्य छोड़ना पड़ा था।
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चिदंबरम ने कहा कि वहां जुलूस के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए, जिसके बाद दो समुदायों के बीच हिंसा भड़क उठी। प्रत्येक घटना को आतंकवाद से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा। इस हिंसा में दो लोगों के मारे जाने और 20 लोगों के घायल होने की पुष्टि उन्होंने की।
चिदंबरम ने बताया कि ईद के दिन हालात को काबू में करने के लिए सेना ने दोपहर में मोर्चा संभाला। प्रदर्शनकारियों ने कई घरों और दुकानों में आग लगा दी। जिसके बाद बिगड़ते हालातों को देखते हुए वहां धारा 144 लगा दी गई थी।
हर कोई कश्मीर जाने को स्वतंत्र
इसलिए वहां कोई जनसभा करना या किसी नेता का जाना उचित नहीं होता। यही वजह है कि अरुण जेटली को भी एयरपोर्ट पर रोक दिया गया। उन्होंने जेटली को आश्वासन दिया कि प्रदेश में स्थिति सामान्य होने पर कोई भी राजनेता या आम जनता प्रदेश में जाने के लिए स्वतंत्र होंगे।
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चिदंबरम ने राज्यसभा में कहा कि राज्य में स्थिति नियंत्रित करने के लिए केंद्र की ओर से भी जम्मू-कश्मीर को मदद दी जा रही है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह सचिव इस मामले पर निगरानी कर रहे हैं। जबकि वह खुद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के संपर्क में हैं।
किश्तवाड़ से डिप्टी कमिश्नर और एसपी को हटा दिया गया है और उनकी जगह नए अधिकारियों की नियुक्ति हो गई है। उन्होंने न्यायिक जांच को निष्पक्ष बनाने का भरोसा देते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री ने इस मामले की तय समय सीमा में न्यायिक जांच के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज को प्रमुख बनाया गया है।
किश्तवाड़ में फिर भड़की हिंसा, दो दर्जन घायल
किश्तवाड़ में शुक्रवार को हुई हिंसा के आरोपी एक युवक की गिरफ्तारी के विरोध में सोमवार को लोग सड़कों पर उतर आए। कर्फ्यू के बीच मार्च निकाल रहे लोगों को पुलिस ने रोकने की कोशिश की, जिसके बाद हिंसा भड़क उठी।
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हिंसक भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग भी की। झड़पों में करीब दो दर्जन लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो एएसपी समेत कई पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। हालात बेकाबू होते देख सेना बुला ली गई है।
6 जिलों में जारी है कर्फ्यू
जम्मू संभाग के 6 जिलों में सोमवार को भी कर्फ्यू जारी रहा। इस बीच पुलिस ने किश्तवाड़ में हिंसा के आरोप में 10 युवकों को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को यहां भड़की हिंसा में 68 दुकानें, 7 होटल और 35 वाहन जला दिए गए थे।