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ऑनर किलिंग का विरोध लेकिन सगोत्र विवाह पर रोक की मांग

Wed, 20 Feb 2013 07:59 AM IST
पीयूष पांडेय/नई दिल्ली
पीयूष पांडेय/नई दिल्ली Updated Wed, 20 Feb 2013 07:59 AM IST
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we donot promote honour killing says khap

खाप पंचायतों ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि सगोत्र विवाह पर कानून में संशोधन कर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। पंचायतें केंद्र और राज्य सरकार से हिन्दू विवाह अधिनियम में इस संबंध में संशोधन करने की मांग पहले ही कर चुकी हैं। सर्वोच्च अदालत से पंचायत ने कहा है कि वह ऑनर किलिंग के खिलाफ हैं। साथ ही दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज कराने में प्रशासन की पूरी सहायता करने का आश्वासन भी दिया है।

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सर्वजातीय सर्व खाप पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी करमपाल की ओर से सर्वोच्च अदालत में अधिवक्ता जसबीर सिंह मलिक ने हलफनामा दाखिल किया है। हलफनामे में सम्मान के लिए हत्या के अपराध को बढ़ावा देने और महिलाओं के जींस पहनने व मोबाइल रखने पर रोक लगाने संबंधी फतवा जारी करने के आरोपों को नकार दिया गया है।
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हर नागरिक के स्वतंत्रता के अधिकार का सम्मान
पंचायत ने कहा है कि हरेक नागरिक के स्वतंत्रता के अधिकार का हम सम्मान करते हैं। ऐसे किसी भी फतवे की पंचायत निंदा करती है, जिसमें महिलाओं के मोबाइल रखने और जींस पहनने पर रोक लगाई गई हो। ऑनर किलिंग की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग वाली एनजीओ शक्ति वाहिनी की याचिका को खारिज करने की गुजारिश करते हुए पंचायत ने कहा है कि फरवरी/मार्च 643 (संवत् 701) में करीब 2 लाख 50 हजार तमाम वर्ग के लोगों ने उत्तर भारत में सर्व खाप पंचायत के गठन का प्रयास कुंभ में महाराज हर्षवर्धन की मौजूदगी में किया था। यह पंचायतें विवादों का सौहार्दपूर्ण निपटारा उसी तरह करती रही हैं, जैसा कि अदालतें करती हैं।
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सिक्के का सिर्फ एक पहलू
हलफनामे में कहा गया है कि एनजीओ ने याचिका में सिक्के के एक पहलू को प्रदर्शित किया है। यह नहीं बताया कि प्राचीन काल से पंचायतें देश में गरीब और कमजोर लोगों को हक दिलाती रही हैं। आज भी जो लोग अदालत तक नहीं पहुंच सकते, उनके अधिकार की रक्षा पंचायतें करती हैं। खाप पंचायतों के फैसले लोक अदालतों जैसे होते हैं।

हलफनामे में यह स्पष्ट किया गया है दहेज प्रथा के खिलाफ व पंचायतों की ओर से उठाए गए अन्य सकारात्मक कदमों के लिए स्वामी करमपाल को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने भी बुलाया था। अदालतों की तर्ज पर काम करने के मसले पर उनसे चर्चा भी हुई थी।


सगोत्र विवाह पर प्रतिबंध
पंचायत ने कहा है कि सर्वजन खाप को कानून पर पूरा भरोसा हैं और पंचायतों की ओर से कभी कानून का उल्लंघन या ऐसा करने का इरादा नहीं रहा है। हालांकि पंचायत ने यह साफ किया है कि सगोत्र विवाह के मसले पर उनकी ओर से केंद्र और राज्य सरकार को हिन्दू विवाह अधिनियम में संशोधन की अपील की गई है। खाप पंचायत की यह मांग है कि पारंपरिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए कानून में संशोधन कर सगोत्र विवाह पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

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