'संपत्ति को नुकसान करने वालों से ही हो भरपाई'
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हरियाणा में जाट आंदोलन और गुजरात में पटेल आंदोलन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने की घटना को सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। शीर्ष कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अपने आंदोलन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों और राजनीतिक दलों से नुकसान की भरपाई की जानी चाहिए।
हम लोगों को आंदोलन के नाम पर राष्ट्र की संपत्ति को जलाने और देश को बंधक बनाने की इजाजत नहीं दे सकते। कोर्ट ने सार्वजनिक संपति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई और नुकसान की भरपाई के लिए गाइडलाइन बनाने के निर्देश दिए।
कोर्ट ने कहा उन्हीं लोगों से इसकी भरपाई करनी चाहिए जो पब्लिक प्रोपर्टी को नुकसान पहुंचाते हैं। सुप्रीम कोर्ट गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल की उस याचिका पर सुनवाई कर रहे थे जिसमें उन्होंने देशद्रोह के आरोपों को चुनौती दी थी।
राजनीतिक दलों को नहीं दी जा सकती नुकसान करने की छूट
कोर्ट ने इस मुद्दे पर अपनी पिछली सुनवाई में हार्दिक पटेल द्वारा बीते साल गुजरात में चलाए गए पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान पर चर्चा की थी।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जेएस खेहर की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि भाजपा, कांग्रेस या अन्य कोई भी पार्टी हो उन्हें यह महसूस करना चाहिए कि आंदोलन के दौरान सार्वजनिक संपति को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए।
भारतीय उद्योग परिसंघ ने बताया है कि बीते सप्ताह जाट आंदोलन के दौरान उत्तर भारत के राज्यों को 34 हजार करोड़ की संपति का नुकसान पहुंचा है।