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नेताजी की 64 फाइलें जारी, खुलेगा मौत का राज!

Fri, 18 Sep 2015 02:28 PM IST
Updated Fri, 18 Sep 2015 02:28 PM IST
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Netaji Files - WB government made 64 Netaji files public

नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी 64 गोपनीय फाइलों में छुपे रहस्य से परदा हट गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने वादे के मुताबिक शुक्रवार को राज्य सरकार के पास दशकों से पड़ी 64 फाइलों को सार्वजनिक कर दिया।

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राज्य सरकार ने ये फाइलें नेताजी के परिवार को सौंप दी हैं। फिलहाल ये फाइलें पुलिस संग्रहालय में रखी गई हैं। सोमवार से आम लोग भी इन्हें देख सकेंगे। इन फाइलों में करीब 12700 पन्ने हैं। 1937 से 1947 के बीच की ये फाइलें अभी तक गुप्त रखी गईं थी।
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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीते हफ्ते ही इन फाइलों को सार्वजनिक करने का ऐलान किया था। इन फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग जितनी पुरानी थी, इनको सार्वजनिक करने का ममता का फैसला उतना ही अचरज भरा है। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर उन्होंने अचानक इन फाइलों को सार्वजनिक करने का फैसला क्यों किया।

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आखिर इन फाइलों में कौन से तथ्य छिपे हैं?

Netaji Files - WB government made 64 Netaji files public

वैसे, खुद ममता की दलील है कि नेताजी के परिजनों के अलावा आम लोग भी लंबे अरसे से इन फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग कर रहे थे। जानकारों के मुताबिक, राज्य सरकार के पास रखी फाइलों में से ज्यादातर नेताजी के परिजनों की खुफिया निगरानी से संबंधित हैं।

नेताजी की रहस्यमय गुमशुदगी पर शोध करने वालों और उनके परिजनों की दिलचस्पी महज इस तथ्य में है कि आजादी से पहले वाली फाइलों में कौन से तथ्य छिपे हैं।

ममता ने नेताजी से संबंधित इन फाइलों को सार्वजनिक करने का फैसला कर एक तीर से कई शिकार किए हैं। इस कदम से ममता को आम लोगों खासकर नेताजी से जुड़े संगठनों का समर्थन मिल सकता है।

इस हथियार से अगले चुनाव में वह तीनों प्रमुख विपक्षी दलों - सीपीएम, कांग्रेस और भाजपा को निशाना बना सकती हैं।  यह कोई संयोग नहीं है कि इन फाइलों को सार्वजनिक करने के ऐलान के चौबीस घंटे के भीतर ही प्रधानमंत्री दफ्तर की ओर से नेताजी के परिजनों को मोदी से मुलाकात का न्योता आ गया।

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