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कहीं आपके कंप्यूटर पर हैकर्स की नजर तो नहीं?
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 13 Mar 2013 02:47 PM IST
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इंटरनेट के बढ़ते चलन के साथ-साथ इसमें हैकिंग का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। लगातार सामने आ रही साइबर क्राइम की घटनाओं से इंटरनेट यूजर्स की परेशानी बढ़ गई है। हैकर्स ने आजकल लोगों के फेसबुक जैसे सोशल नेटवर्किंग अकाउंट को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
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हैकिंग के जरिए दुनिया के किसी भी कोने में बैठे हैकर्स आपके कंप्यूटर या लैपटॉप के साथ छेड़छाड़ करके आपकी महत्वपूर्ण जानकारियां आसानी से चोरी कर सकते हैं। एक्सपर्टस का कहना है कि हैकिंग के लिए बाजार में कई तरह के सॉफ्टवेयर मौजूद हैं। थोड़ी सी सावधानी के जरिए आप हैकरों से अपने कंप्यूटर या मोबाइल को बचा सकते हैं।
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:- साइबर कैफे में अपना ईमेल या फेसबुक अकाउंट लॉग-इन करते समय कभी भी Remeber me पर क्लिक ना करें। अगर आप इसपर क्लिक करते हैं तो कोई भी दूसरा व्यक्ति उस कंप्यूटर पर आपके अकांउट को खोल सकता है।
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:- ईमेल अकाउंट बनते समय सिक्योरिटी से संबंधित एक प्रश्न पूछा जाता है। भविष्य में कभी पासवर्ड भूल जाने पर इस प्रश्न का सही उतर देकर दोबारा पासवर्ड सेट किया जा सकता है। इसलिए अकाउंट बनाते समय सामान्य प्रश्न का चयन ना करें। किसी ऐसे प्रश्न का चयन करें जो बेहद निजी हो।
:- वेबसाइट, ईमेल या फेसबुक अकाउंट का पासवर्ड बनाते समय विशेष तौर पर सावधानी बरतें। पासवर्ड में अंग्रेजी के शब्दों के अलावा गणित के अक्षर भी शामिल करें। पासवर्ड को एक नियमित अंतराल पर बदलते भी रहें।
:- फेसबुक या अन्य सोशल नेटवर्किंग साइट पर अकाउंट बनाते समय कभी भी अपनी पूरी डेट ऑफ बर्थ को प्रोफाइल में न डालें। बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड से जुड़े हैकर्स के लिए आपकी डेट ऑफ बर्थ काफी काम की साबित हो सकती है। इसलिए अपने प्रोफाइल में अपनी डेट ऑफ बर्थ का केवल दिन और महीना लिखें, वर्ष नहीं।
:- हैकर्स कभी-कभी ईमेल अकाउंट या वेबसाइट का पासवर्ड पता करने के लिए फिशिंग (फिशिंग वह मैसेज है, जो किसी वैध स्रोत से आता है और आपको व्यक्तिगत जानकारी खोल देने के लिए उकसाता है) का भी प्रयोग भी करते हैं।
इसके तहत यूजर को एक मेल भेजा जाता है, जिसमें दिए गए लिंक पर क्लिक करने पर एक दूसरा वेब ब्राउजर खुल जाता है। इसके बाद यह आपसे आपका पासवर्ड मांगता है। जानकारी के अभाव में अक्सर यूजर्स इसमें अपना पासवर्ड डाल देते हैं और वह पासवर्ड हैकर के पास पहुंच जाता है। इसलिए कभी भी मेल बॉक्स मे आए किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक ना करें।