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पहल: पानी से तंग जनता ने चंदे से लगाया सबमर्सिबल पंप

Fri, 24 Jul 2015 02:04 AM IST
Updated Fri, 24 Jul 2015 02:04 AM IST
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Water crisis public make contributions to imposed submersible pump in Bareilly.

बरेली नगर निगम के दायरे में आने वाला काफी पुराना मोहल्ला है फाल्तूनगंज। तंग गलियां और गंदगी बेशुमार। अब यह वार्ड बन गया है। पानी के लिए पाइप लाइन भी यहां पड़ चुकी है लेकिन पानी या तो आता नहीं और आता भी है तो गंदा।

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सरकारी हैंडपंप 25 हैं लेकिन पानी सिर्फ 15 देते हैं वह भी बहुत अच्छा नहीं। पानी के बड़े संकट से जूझ रहे यहां के लोगों की बात जब नगर निगम ने नहीं सुनी तो यहां के लोगों ने पानी की सरकारी लाइन ही कटवा दी। खुद चंदा इकट्ठा किया और खुद नया सबमर्सिबल लगवाया है। यहां पानी का पूरा सिस्टम निजी है।
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फाल्तूनगंज वार्ड नंबर 51 में करीब पांच से सात गलियां आती हैं। यहां की आबादी करीब 20 हजार है और वोटर 16 हजार। इलाके की संकरी गलियों में पड़ा कूड़ा और भरी नालियों के अलावा उबड़ खाबड़ रास्ता और स्ट्रीट लाइटें भी नहीं हैं।
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फाल्तूनगंज वालों से हार गया पानी का संकट

Water crisis public make contributions to imposed submersible pump in Bareilly.

सीवर लाइन पड़ी है लेकिन वह भी भरी हुई है। इसलिए यहां के 16 हजार वोटर में सिर्फ 4400 लोगों ने ही मतदान किया था और जो पार्षद जीते थे उनको महज 1600 वोट मिले थे।

इलाके में सात अलग- अलग मोहल्लों में आपस के लोगों ने चंदा इकट्ठा करके सबमर्सिबल लगवाया है और अब आराम से पानी की जरूरत पूरा कर रहे हैं।

बिजली का पैसा भी सभी मिल बांट कर देते हैं। सरकारी 25 हैंडपंप में खराब 10 हैंडपंप की मरम्मत के लिए दो माह से कई बार पार्षद कह चुके हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ। पार्षद के लगवाए दो सबमर्सिबल खराब हुए तो उसे भी लोगों ने आपस में चंदा करके ही ठीक कराया।

कालीबाड़ी से सटे फाल्तूनगंज के लोगों की पहल

Water crisis public make contributions to imposed submersible pump in Bareilly.

सभी करते हैं प्राइवेट जॉब या दुकान
यहां रहने वाले अधिकतर लोग प्राइवेट नौकरी या फिर दुकान करते हैं। पानी की किल्लत से उबरने के लिए 32 से 35 हजार रुपये का सबमर्सिबल इन्होंने खुद लगवाया। खुशहाली राम, होरी लाल, किशन मुरारी ने अपनी गली में आगे बढ़कर 33 हजार रुपये खर्च किए।

विजयशंकर, बेनीराम ने मिलकर 5-5 हजार रु पये सात लोगों से जमा कर 37 हजार में मशीन लगवाई। इन्होंने अपने पानी लाइन भी काट दी। इसी तरह तीसरी गली में बुलाकी राम आगे आए और एक हजार रुपये प्रति घर लेकर 32 लोगों से चंदा लिया और सड़क पर सबमर्सिबल लगवाया।

पार्षद कहते हैं...
यहां के युवा पार्षद शेखर पाल कहते हैं कि नगर निगम ने इलाके में 20 दिन पहले पानी के पाइप डलवाए हैं, लेकिन पानी नहीं आया। पूरे वार्ड में ऐसे कई समूह मिल जाएंगे जो खुद से पानी का इंतजाम कर चुके हैं। यहां अधिकतर घरों के पानी की सप्लाई खराब थी तो उन्होंने लाइन ही कटवा दी।

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