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वाशिंगटन ने दिए संकेत, मोदी को मिल सकता है अमेरिकी वीजा
नई दिल्ली/वाशिंगटन/एजेंसी
Updated Sat, 13 Oct 2012 12:42 AM IST
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ब्रिटेन की ओर से गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का बायकाट खत्म किए जाने के बाद अमेरिका भी इसी दिशा में कदम बढ़ा सकता है। शुक्रवार को मोदी का नाम लिए बिना अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि किसी भी वीजा आवेदन को उसके गुणों और अमेरिकी कानूनों के मुताबिक ही आंका जाएगा।
अमेरिका के लोक कल्याण मामलों के सहायक विदेश मंत्री माइक हैमर ने कहा कि किसी वीजा आवेदन का मूल्यांकन उसके गुणों और कानून के मुताबिक ही किया जाएगा। हम किसी व्यक्ति विशेष के वीजा मामलों से जुड़े सवालों में नहीं जाना चाहते। हैमर से पूछा गया था कि ब्रिटेन ने नरेंद्र मोदी का बायकाट खत्म कर दिया है तो क्या अमेरिका भी आने वाले दिनों में मोदी को लेकर ऐसा ही कोई रुख अपना सकता है।
मोदी के साथ संपर्क बहाली का ब्रिटिश सरकार का फैसला अमेरिकी मीडिया में भी प्रमुखता से छाया रहा। मालूम हो कि गुजरात में 2002 में हुए दंगों के बाद से ब्रिटेन ने मोदी सरकार से सक्रिय संबंध नहीं रखने की नीति अपनाई थी। मोदी को लेकर अमेरिका का रवैया भी कुछ ऐसा ही रहा था और उसने मोदी का वीजा आवेदन भी खारिज कर दिया था।
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वाशिंगटन पोस्ट ने कहा है कि ब्रिटिश सरकार का फैसला मोदी का अंतरराष्ट्रीय बायकाट खत्म होने की शुरुआत है। अखबार ने लिखा है कि विश्व में तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था के बिजनेस फ्रेंडली मुख्यमंत्री बहुत सी राजनैतिक बाधाएं हटा सकते हैं। मालूम हो कि ब्रिटिश मंत्री ह्यूगो स्वायर ने कहा था कि मैंने नई दिल्ली स्थित ब्रिटिश उच्चायुक्त से कहा है कि वे गुजरात जाएं और वहां के मुख्यमंत्री व अन्य बड़ी हस्तियों से मुलाकात करें। उन्होंने उच्चायुक्त से मोदी सरकार के साथ आपसी हितों के मसलों पर चर्चा करने और सहयोग के अवसर तलाशने के लिए भी कहा है।
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अमेरिका के लोक कल्याण मामलों के सहायक विदेश मंत्री माइक हैमर ने कहा कि किसी वीजा आवेदन का मूल्यांकन उसके गुणों और कानून के मुताबिक ही किया जाएगा। हम किसी व्यक्ति विशेष के वीजा मामलों से जुड़े सवालों में नहीं जाना चाहते। हैमर से पूछा गया था कि ब्रिटेन ने नरेंद्र मोदी का बायकाट खत्म कर दिया है तो क्या अमेरिका भी आने वाले दिनों में मोदी को लेकर ऐसा ही कोई रुख अपना सकता है।
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मोदी के साथ संपर्क बहाली का ब्रिटिश सरकार का फैसला अमेरिकी मीडिया में भी प्रमुखता से छाया रहा। मालूम हो कि गुजरात में 2002 में हुए दंगों के बाद से ब्रिटेन ने मोदी सरकार से सक्रिय संबंध नहीं रखने की नीति अपनाई थी। मोदी को लेकर अमेरिका का रवैया भी कुछ ऐसा ही रहा था और उसने मोदी का वीजा आवेदन भी खारिज कर दिया था।
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वाशिंगटन पोस्ट ने कहा है कि ब्रिटिश सरकार का फैसला मोदी का अंतरराष्ट्रीय बायकाट खत्म होने की शुरुआत है। अखबार ने लिखा है कि विश्व में तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था के बिजनेस फ्रेंडली मुख्यमंत्री बहुत सी राजनैतिक बाधाएं हटा सकते हैं। मालूम हो कि ब्रिटिश मंत्री ह्यूगो स्वायर ने कहा था कि मैंने नई दिल्ली स्थित ब्रिटिश उच्चायुक्त से कहा है कि वे गुजरात जाएं और वहां के मुख्यमंत्री व अन्य बड़ी हस्तियों से मुलाकात करें। उन्होंने उच्चायुक्त से मोदी सरकार के साथ आपसी हितों के मसलों पर चर्चा करने और सहयोग के अवसर तलाशने के लिए भी कहा है।