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रेलवे का सच, 2 महीने में एक बार धुलता है कंबल

Sat, 27 Feb 2016 09:00 AM IST
Updated Sat, 27 Feb 2016 09:00 AM IST
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washing of blanket in indian railway
रेल यात्रा के दौरान कभी-कभी रेलवे के कंबल की बदबू ने आपको भी परेशान किया होगा। दरअसल ये कंबल दो महीने में केवल एक बार ही धोए जाते हैं। रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने खुद यह जानकारी दी है।
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राज्यसभा में शुक्रवार को प्रश्न काल के दौरान कई सदस्यों ने रेलवे विभाग द्वारा ट्रेनों में दिए जाने वाले बिस्तर की गुणवत्ता तथा स्वच्छता को लेकर सवाल पूछे।

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इस पर सिन्हा ने बताया कि बेडशीट, बेड रोल और तकियों के कवर को हर दिन धोया जाता है, जबकि कंबल के साथ ऐसा नहीं है।

सिन्हा ने कहा यह है अच्छी सलाह

washing of blanket in indian railway

राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने इस पर पुरानी व्यवस्था को अच्छा बताया, जब यात्री अपना बिस्तर साथ लेकर जाते थे। कांग्रेस के एक सांसद ने भी इसका समर्थन किया और पूछा कि क्या मंत्री इसकी अनुमति देंगे।

जवाब में सिन्हा ने कहा कि यह एक अच्छी सलाह है और यदि यात्री पुरानी व्यवस्था को अपनाना चाहते हैं तो रेलवे को इससे परेशानी नहीं है।

उन्होंने बताया कि विभाग के पास 41 मशीनीकृत लॉन्ड्री हैं। अगले दो साल में इनकी संख्या 25 और बढ़ाने की योजना है।

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