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वॉलमार्ट की रिपोर्ट पर राज्यसभा में हंगामा
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 10 Dec 2012 01:47 PM IST
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मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई के लिए अमेरिकी कंपनी वालमार्ट की लॉबिंग रिपोर्ट पर आज विपक्ष ने राज्यसभा में भारी हंगाम किया। हंगामें के चलते शून्य काल नहीं हो सका और सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
शून्यकाल शुरू होते ही भाजपा के रविशंकर प्रसाद ने भारत में खुदरा कारोबार में एफडीआई के लिए वालमार्ट द्वारा अमेरिका में लाबिंग पर 125 करोड़ रुपए खर्च करने के संबंध में छपी खबरों का हवाला देते हुए इस मुद्दे को उठाया।
इसी दौरान बहुजन समाज पार्टी को छोडकर विपक्षी सदस्यों ने समाचार पत्रो की प्रतियां लहराते हुए इस पर प्रधानमंत्री को बयान देने के लिए बुलाने की मांग करने लगे।
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उपसभापति पीजे कुरियन ने सदस्यों को शांत रहने की अपील की और सदन में मौजूद संसदीय कार्यमंत्री राजीव शुक्ला को इस संबंध में वक्तव्य देने को कहा। शुक्ला कुछ कहने लगे लेकिन शोर शराबे में कुछ भी सुना नहीं जा सका।
कुरियन ने सदस्यों से शांत होने की अपली की लेकिन शोर शराबा नहीं थमता देख उन्होंने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर नरेश अग्रवाल की अगुवाई में समाजवादी पार्टी के सदस्य उप सभापति के आसन के समक्ष आकर पदोन्नति में आरक्षण के विरोध में नारेबाजी करने लगे।
इस दौरान भाजपा, जनता दल यू, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, और तृणमूल कांग्रेस के सदस्य वालमार्ट मुद्दे पर प्रधानमंत्री के बयान की मांग करते रहे।
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शून्यकाल शुरू होते ही भाजपा के रविशंकर प्रसाद ने भारत में खुदरा कारोबार में एफडीआई के लिए वालमार्ट द्वारा अमेरिका में लाबिंग पर 125 करोड़ रुपए खर्च करने के संबंध में छपी खबरों का हवाला देते हुए इस मुद्दे को उठाया।
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इसी दौरान बहुजन समाज पार्टी को छोडकर विपक्षी सदस्यों ने समाचार पत्रो की प्रतियां लहराते हुए इस पर प्रधानमंत्री को बयान देने के लिए बुलाने की मांग करने लगे।
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उपसभापति पीजे कुरियन ने सदस्यों को शांत रहने की अपील की और सदन में मौजूद संसदीय कार्यमंत्री राजीव शुक्ला को इस संबंध में वक्तव्य देने को कहा। शुक्ला कुछ कहने लगे लेकिन शोर शराबे में कुछ भी सुना नहीं जा सका।
कुरियन ने सदस्यों से शांत होने की अपली की लेकिन शोर शराबा नहीं थमता देख उन्होंने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर नरेश अग्रवाल की अगुवाई में समाजवादी पार्टी के सदस्य उप सभापति के आसन के समक्ष आकर पदोन्नति में आरक्षण के विरोध में नारेबाजी करने लगे।
इस दौरान भाजपा, जनता दल यू, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, और तृणमूल कांग्रेस के सदस्य वालमार्ट मुद्दे पर प्रधानमंत्री के बयान की मांग करते रहे।