वाघा की तर्ज पर भारत में हमले की धमकी
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पाकिस्तान के आतंकी संगठन जमात-उल-अहरार ने धमकी दी है कि वाघा बॉर्डर के उस पार हुए आत्मघाती हमले की तर्ज पर भारत में भी हमले होंगे। जमात-उल-अहरार उन तीन संगठनों में एक है जिसने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
अलकायदा से जुड़े जुनदुल्लाह और महार मेहसूद ने भी हमले की जिम्मेदारी ली है। ये तीनों संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से अलग होकर पश्चिमी एशिया के सुन्नी वर्चस्व वाले आईएसआईएस से हाथ मिला चुके हैं।
उधर, बीएसएफ और पाकिस्तान रेंजर्स ने सोमवार को आतंकवाद के खिलाफ साझा मोर्चा लेते हुए बीटिंग रिट्रीट की परंपरा को जारी रखा। इससे पहले हमले को देखते हुए रोज होने वाले इस समारोह को तीन दिन के लिए स्थगित कर दिया गया था।
आतंकी संगठन जमात-उल-अहरार ने दी धमकी
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता केएस धतवालिया ने कहा है कि 1971 और करगिल युद्ध के दौरान भी यह समारोह बंद नहीं किया गया था। लिहाजा आतंकवाद के डरकर इसे रोकना उचित नहीं होता।
भारत में अलकायदा और आईएसआईएस के पांव पसारने की कोशिशों के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां अहरार की इस धमकी को गंभीरता से ले रही हैं। गृह मंत्रालय के मुताबिक यही वजह है कि बार्डर पर रोज होने वाले इस समारोह को तीन दिन के लिए स्थगित कर उस रास्ते से होने वाली सभी व्यापारिक गतिविधि रोक दी गई थी।
इस बीच इस आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी तीन संगठनों ने लेकर मामले को उलझा दिया है। इन संगठनों ने ट्विटर पर यह जिम्मेदारी ली और एक दूसरे के दावे को गलत बताया। गृह मंत्रालय के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक इस हमले को पाकिस्तान का अंदरूनी मामला मानना बड़ी गलती साबित हो सकती है।
बीटिंग रिट्रीट को रखा जारी
मरने वालों की संख्या 61 हुई, 20 लोग हिरासत में
आत्मघाती हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने भारत-पाक सीमा क्षेत्र से शक के आधार पर 20 लोगों को हिरासत में लिया है। मारे गए लोगों में 10 महिलाएं, 8 बच्चे और तीन पाक रेंजर्स शामिल हैं। बम निरोधक दस्ते ने बाघा बॉर्डर के पार्किंग क्षेत्र से आईईडी बरामद किया है।
बड़ी तबाही की थी साजिश
आत्मघाती विस्फोट को अंजाम देने वाले 20 वर्षीय युवक के पास 15 से 20 किलो विस्फोटक थे और उसकी साजिश ध्वज उतारने की रस्म को निशाना बनाने की थी। उसने अपनी जैकेट में कुछ विस्फोटक छिपा रखा था। अगर वह अपनी साजिश में सफल होता को बड़ी तबाही मचती।