'व्यापम जांच को अपने हाथों में कब लेगी सीबीआई'
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सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को तीन हफ्ते के भीतर यह बताने के लिए कहा है कि वह व्यापम घोटाले की जांच को पूरी तरह अपने हाथ में कब ले लेगी।
सीबीआई को सुनवाई की अगली तारीख पर यह भी बताने के लिए कहा गया है इस घोटाले से जुड़े 185 मामलों में से वह कितने मामलों की जांच को अपने हाथों में ले चुकी है।
न्यायमूर्ति एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने साथ ही कार्मिक विभाग को सात अगस्त तक यह बताने के लिए कहा है कि सीबीआई में जरूरी नियुक्तियां कब तक भर दी जाएंगी। सीबीआई का कहना है कि अधिकारियों की कमी जांच में आड़े आ रही है। कोर्ट ने इसके लिए अटॉर्नी जनरल से मदद मांगी है।
24 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने बताया कि एजेंसी को जांच को पूरी तरह अपने हाथों में लेने में छह से आठ हफ्ते का समय चाहिए।
तीन हफ्ते बीत चुके हैं, लिहाजा उसे पांच हफ्ते और चाहिए। इस पर पीठ ने कहा कि 15 दिन बीत चुके हैं लेकिन सीबीआई अब भी कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं हैं।
पीठ ने सीबीआई को तीन हफ्ते में अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। पीठ ने यह भी कहा कि तीन हफ्ते पर्याप्त हैं। सॉलिसिटर जनरल ने पीठ को यह भी बताया कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 24 जुलाई को राज्य में 20 विशेष अदालत के गठन को लेकर अधिसूचना जारी किया है।
सीबीआई ने कहा कि 185 मामलों में से 78 में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। सीबीआई की प्राथमिकता उन मामलों को पहले लेने की है, जिनकी जांच चल रही है। 55 मामलों को एसटीएफ व एसआईटी देख रही है।
बाकी बचे 130 मामलों में 49 में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। बाकी बचे 81 में से 73 मामले धोखाधड़ी से संबंधित हैं। अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी।