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व्यापम घोटाला: आरोपी की तलाश में खीरी पहुंची SIT

Wed, 08 Jul 2015 10:41 PM IST
Updated Wed, 08 Jul 2015 10:41 PM IST
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Vyapam Scam Issue SIT reaches Lakhim Khiri.

व्यापम घोटाले में वांछित खीरी जिले के थाना सिंगाही अंतर्गत गांव सहिंजना के मनोज मौर्य की तलाश में मध्यप्रदेश से एसआईटी की एक टीम बुधवार दोपहर यहां पहुंची।

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मनोज नहीं मिला तो टीम उसके बड़े भाई को यह कहकर साथ ले गई कि मनोज ग्वालियर में जिस स्थान पर रहता है, वहां लेकर जाएंगे। परिवार वालों ने कुछ भी बताने में असमर्थता जताई है।  
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मनोज के पिता हीरालाल ने बताया कि उनके छोटे बेटे मनोज ने कई बार सीपीएमटी की परीक्षा दी, लेकिन वह पास नहीं हुआ। वह 2011 से मध्य प्रदेश में रह रहा है और यहां साल में एक-दो बार ही आता है। उसने पशु चिकित्सा का कोर्स करने के लिए परीक्षा दी, जिसमें वह पास हो गया। वर्तमान में वह ग्वालियर में पशु चिकित्सा कोर्स की ट्रेनिंग कर रहा है। उसकी डिग्री मिलने में 10 दिन शेष बचे हैं।
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इधर एसपी अरविंद सेन ने बताया कि ग्वालियर से आए एसआईटी टीम के प्रभारी प्रशांत यादव व अन्य अनवर, उपेंद्र और रामस्वरूप, सिंगाही थाना पुलिस के साथ गांव सहिंजना पहुंचे। वहां इन लोगों ने आरोपी मनोज मौर्य की तलाश की, किंतु उसके ग्वालियर में ही होने की जानकारी मिली तो उसके बड़े भाई को हिरासत में अपने साथ ले गए।

मनोज पर यह है आरोप

Vyapam Scam Issue SIT reaches Lakhim Khiri.

एसआईटी टीम के प्रभारी प्रशांत यादव ने बताया कि सहिंजना निवासी मनोज मौर्य ने वर्ष 2009 में सीपीएमटी की परीक्षा दी थी, मगर उस रोल नंबर पर उत्तीर्ण कोई अन्य परीक्षार्थी हुआ। उन्होंने अनुमान के तौर पर बताया कि मनोज ने फोटो अपनी लगाई, जबकि परीक्षा दूसरे नाम से दी।

फिलहाल इस मामले में मध्यप्रदेश के ग्वालियर में मनोज के खिलाफ 449/131, 419, 420, 463, 468, 471 और 120 बी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज है। इधर इस बाबत आरोपी मनोज के पिता हीरालाल ने बताया कि उन्होंने पुत्र का 2009 में एडमीशन कराने का प्रयास किया था, लेकिन उसका नाम नहीं आया था। इधर एसआईटी प्रभारी प्रशांत यादव ने बताया कि जांच में मनोज पूरी तरह से दोषी है, इसलिए उसके भाई को हिरासत में लिया गया है।

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