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व्यापम घोटाला: बरेली तक फैला था घोटालेबाजों का जाल

Wed, 08 Jul 2015 01:41 AM IST
Updated Wed, 08 Jul 2015 01:41 AM IST
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Vyapam Scam escaped Bareilly.

मध्य प्रदेश के चर्चित व्यापम घोटाले में बरेली की भी बदनामी हुई है। इस घोटाले में नवाबगंज क्षेत्र के तीन छात्र पकड़े गए। वे पिछले कई माह से ग्वालियर जेल में बंद हैं। गुनहगारों में सब्जी विक्रेता का बेटा भी शामिल है। उधर स्टे की वजह से एसटीएफ अभी तक डॉक्टर फिरोज को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

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ग्वालियर की एसटीएफ ने 28 मई को नवाबगंज से आर्य समाज के नेता रामकिशोर आर्य के बेटे चिकित्सक रुपेंद्र आर्य उर्फ अंकुर को गिरफ्तार किया था। इससे पूर्व पकड़े गए यहां के दो और छात्र जेल में हैं। दो माह पहले नगर के सब्जी विक्रेता मोहम्मद असगर के बेटे मोहम्मद अफरोज ने भोपाल जाकर खुद को सरेंडर कर दिया था।
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बताया जाता है कि उसके पास पहले एसटीएफ ने नोटिस भेजा था, लेकिन वह हाजिर नहीं हुआ था। अफरोज कानपुर में सीपीएमटी की कई सालों से कोचिंग कर रहा था। वर्ष 2013 में उसका बीएएमएस में नंबर आ गया था, लेकिन उसने दाखिला नहीं लिया। वह लगातार एमबीबीएस में दाखिले के लिए की तैयारी में जुटा रहा।
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स्टे की वजह ने डॉक्टर फिरोज की नहीं हुई गिरफ्तारी

Vyapam Scam escaped Bareilly.

लगातार कई वर्षों से कोचिंग करने के कारण वह सॉल्वर की भूमिका में आ गया था। अफरोज के छोटे भाई फिरोज की भी एसटीएफ को तलाश थी, जो आजकल एमबीबीएस करने के बाद जालौन के मेडीकल कालेज में हाउस जॉब कर रहा है। अफरोज के पिता ने बताया कि व्यापम घोटाले में नाम आने पर फिरोज ने उच्चतम न्यायालय से अपनी गिरफ्तारी पर स्टे ले रखा है। जिसकी वजह से ही पुलिस ने उसे नहीं पकड़ा है।

ग्राम रिछोला किफायतुल्ला के व्यापारी अब्दुल रहमान का बेटा मोहम्मद हसीब पिछले सात माह से भोपाल जेल में बंद है। हसीब के भाई फैजुलरहमान कहते हैं कि उनके भाई को अफरोज ने ही फंसवा दिया। वर्ष 2013 में अफरोज ने उससे भोपाल विश्वविद्यालय से सीपीएमटी की परीक्षा दिलाई थी।

इधर कानपुर विश्वविद्यालय की परीक्षा में उत्तीर्ण होकर उसने सैफई मेडिकल कालेज में दाखिला ले लिया था। जहां से वह एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था और इसी बीच सितंबर 2013 में उसे भोपाल पुलिस ने उठा लिया। तब से वह मध्य प्रदेश जेल में ही बंद है।

यहां भी सहमे हैं घोटाले के आरोपियों के परिजन

Vyapam Scam escaped Bareilly.

मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यापम घोटाले में जिस तरह लोगों की जान जा रही है उससे जिले के पांच परिवारों में भी दहशत है। व्यापम घोटाले में शक के घेरे में आए लोगों में जिले के पांच युवक भी शामिल हैं। इन पांच में से दो छात्र भोपाल हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत करा चुके हैं।

भोपाल (मध्य प्रदेश) में वर्ष 2012 में व्यावसायिक परीक्षा मंडल के तहत प्री-मेडिकल परीक्षा में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा प्रकाश में आया था। व्यापम घोटाले की जांच कर रही एसटीएफ की एक टीम इस साल एक अप्रैल को पीलीभीत पहुंची थी।

थाना अमरिया के गांव हर्रायपुर निवासी इमरान और मुक्तादिर सहित पांच लोगों के घरों पर जाकर धारा 12/13 के तहत नोटिस देकर जांच अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक के सामने पेश होने के निर्देश दिए थे।

दो महीने पूर्व एसटीएफ ने छात्रों को दिया था नोटिस

Vyapam Scam escaped Bareilly.

जांच समिति को शक था पांचों ने फर्जी तरीके से प्रवेश परीक्षा दी थी। टीम ने तीन अन्य आरोपियों के नाम-पते बताने से इंकार कर दिया था।

एक आरोपी इमरान के पिता अमीर अहमद ने बताया कि करीब एक महीने पहले इमरान व उसका साथी मुक्तादिर भोपाल गए थे और हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत कराकर लौट आए थे।

दोनों जांच अधिकारी के सामने पेश हुए या नहीं, इस पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उन पर किस तरह का आरोप है यह भी वह खुल कर नहीं बताना चाहते।

उन्होंने बताया कि दोनों बच्चे बरेली में पढ़ रहे हैं, लेकिन वह किस कॉलेज में पढ़ रहे हैं अथवा उनका कांटेक्ट नंबर क्या है यह सब बताने से इंकार कर दिया।

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