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व्यापम घोटालाः अब तक 47 मौतें और सीबीआई के लिए चुनौतियां

Wed, 08 Jul 2015 07:50 AM IST
Updated Wed, 08 Jul 2015 07:50 AM IST
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vyapam scam: Challenges for CBI

सीबीआई के लिए व्यापम घोटाले की जांच की राह आसान नहीं होगी। जटिल से जटिल मामलों में भी उच्च कोटि की पेशेवर जांच करने में सक्षम होने के बावजूद व्यापम घोटाले का दायरा सीबीआई के लिए कई चुनौतियां खड़ी करने वाला है। इनमें एक तरफ 2007 से 2013 तक हुए घोटाले हैं तो दूसरी तरफ इससे जुड़ी अब तक की 47 मौतें।

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सीबीआई सूत्रों के मुताबिक  मध्य प्रदेश सरकार की 10 एसआईटी और हाईकोर्ट के एसटीएफ लंबे समय से इसकी जांच कर रही है। अब निगाहें इस ओर है कि हाईकोर्ट एसटीएफ की काबिलियत पर सवाल खड़ा करते हुए जांच सीबीआई को सौंप दे।
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आरोपों के भंवर में फंसे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजनीतिक दबाव में सीबीआई जांच की घोषणा तो कर दी है, मगर यह तय करना होगा कि इस जांच का दायरा क्या होगा।
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मामले में मुख्यमंत्री से लेकर राज्यपाल तक के नाम सामने आ रहे हैं। ऐसे में आशंका इस बात की है कि मामले से जुड़े अहम तथ्यों के साथ गंभीर छेड़छाड़ किया जा चुका होगा।

सूत्रों के मुताबिक इस मामले से जुड़ी पहली मौत 2009 में ही हुई थी। यह समय था जब शिवराज सिंह पर जांच का दबाव पड़ना शुरू हुआ था। इसके बावजूद इस मामले की पहली जांच 2013 में जाकर शुरू हुई।

गौरतलब है कि 2008 से 2012 तक शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी खुद शिवराज सिंह चौहान संभाल रहे थे। सीबीआई सूत्रों ने हैरानी जताई है कि मुख्यमंत्री, राज्य पुलिस, एसआईटी और एसटीएफ मिलकर इससे जुड़ी हो रही मौत का सिलसिला नहीं रोक पा रही है।

व्यापम एसआईटी प्रमुख ने कहा, मौतों को रहस्यमयी नहीं कहा जा सकता

vyapam scam: Challenges for CBI

व्यापम घोटाले की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख रिटायर्ड जस्टिस चंद्रेश भूषण ने कहा है कि घोटाले से जुड़ीं कथित मौतों को रहस्यमयी नहीं का जा सकता, बल्कि ये असामान्य हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि एसआईटी का गठन दाखिला और भर्ती में हुई गड़बड़ियों की जांच के लिए किया गया था।

जस्टिस भूषण ने कहा कि वह रहस्यमयी शब्द का इस्तेमाल नहीं करेंगे। कुछ मौतें हुई हैं और वे मौतें सामान्य नहीं हैं। इसलिए अगर व्यापम से उनका कोई तार जुड़ता है तो हम उन्हें असामान्य मौत कहेंगे। उन्होंने कहा कि अब तक एसटीएफ ने इन मौतों का घोटाले से कोई संबंध नहीं पाया है।

एसटीएफ इन मौतों की जांच नहीं कर रहा। स्थानीय पुलिस इनकी जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि घोटाले से मौत के तार जुड़ने पर एसटीएफ से इनकी जांच करने को कहा गया है।

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