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रक्षा मंत्रालय को क्लीन चिट, सेना शक के दायरे में

Fri, 22 Feb 2013 01:01 AM IST
नई दिल्ली/गुंजन कुमार
नई दिल्ली/गुंजन कुमार Updated Fri, 22 Feb 2013 01:01 AM IST
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vvip chopper scam clean chit ministry of defence army under suspicion

रक्षा मंत्रालय अपनी अंदरुनी जांच में इस नतीजे पर पहुंचा है कि अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे में हुई घूसखोरी में मंत्रालय का कोई भी शख्स शामिल नहीं है। हालांकि सेना के अधिकारियों को शक दायरे में रखा गया है। साथ ही मंत्रालय इस बात से आश्वस्त हो गया है कि पूरी प्रक्रिया में दलाली का लेनदेन हुआ है।

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रक्षा मंत्री एके एंटनी के निर्देश पर गठित एक अनौपचारिक टीम की जांच के मुताबिक इस सौदे में मंत्रालय की ओर से किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं हुआ और सभी प्रक्रिया का नियम के मुताबिक पालन किया गया। किसी निश्चित नतीजे पर पहुंचने से पहले मंत्रालय कैग रिपोर्ट देखना चाह रही है। यह रिपोर्ट इसी संसद सत्र में पेश होने वाली है।
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मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि इस जांच के बाद भी सीबीआई को अपने तरीके से जांच करने की पूरी आजादी है। खुद रक्षा मंत्री इस मामले की तह तक पहुंचना चाहते हैं। अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय की जांच टीम को शक है कि दलालों ने अगस्ता वेस्टलैंड और फिनमेकानिका कंपनियों को गलत जानकारी दे कर उस डील के लिए पैसा बनाया, जिसे सरकार ने पहले ही हरी झंडी दे रखी थी।
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सरकार ने इस पर हामी भरने से पहले उन सभी पहलुओं का ध्यान रखा, जिससे दलाली से बचा जाए। इसके बावजूद इटली की अदालत में घूसखोरी के मुकदमों के दौरान बाहर आई बातों से यह साफ है कि दलाली का लेनदेन हुआ है।


रक्षा मंत्रालय इटली की अदालत के कागजात में पूर्व एयर चीफ मार्शल एस पी त्यागी के नाम की मौजूदगी पर काफी गंभीर है। यही वजह है कि सेना को इस जांच में क्लीन चिट नहीं दी गई है। इसकी तह तक जाने के लिए मंत्रालय सीबीआई के अलग अपनी जांच भी कर रही है। इसी मकसद से सीबीआई टीम के साथ रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी को भी इटली भेजा गया है।

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