झारखंड, जम्मू-कश्मीर में पहले चरण का मतदान जारी
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झारखंड और जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान शुरू हो चुका है। पहले चरण में झारखंड की 13 और जम्मू-कश्मीर की 15 सीटों के लिए वोट डाले जा रहे हैं।
इस चरण में झारखंड में कुल 199 और जम्मू-कश्मीर में 123 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। झारखंड की जिन सीटों पर मतदान होना है वे नक्सल प्रभावित इलाके की हैं, जबकि जम्मू-कश्मीर में चुनाव पर आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में दोनों राज्यों में शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
झारखंड में पहले चरण के मतदान वाले सीटों में से पिछले चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने तीन-तीन, राजद, झामुमो व निर्दलीय ने दो-दो और आजसू तथा जद-यू ने एक-एक सीटों पर कब्जा जमाया था।
इस बार भी इन सीटों पर बहुकोणीय मुकाबले की उम्मीद है, लेकिन भाजपा मोदी लहर के सहारे जीता का दावा कर रही है। दूसरी ओर, जानकारों का मानना है कि अगर मतदान स्थानीय मुद्दों व जातीय आधार पर हुआ तो भाजपा को बहुत अधिक लाभ नहीं होने वाला।
इन सीटों के लिए डाले जा रहे वोट
उधर, जम्मू-कश्मीर में लद्दाख की चार, जम्मू की छह और कश्मीर की पांच विधानसभा क्षेत्रों में 1787 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर सुरक्षा के लिए पुलिस और अर्द्धसैनिक बल की 295 कंपनियां तैनात की गई हैं।
पहले चरण के मतदान में कोई चुनाव में खलल डालने वाला नजर नहीं आ रहा। यह चुनाव आयोग के लिए राहत की बात है। सिर्फ गांदरबल जिले में कुछ थोड़ी बहुत हलचल होने की संभावना है, जिसके लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत पकड़े जाने वाले लोगों की जेलों में ही पोस्टल बैलेट के जरिये वोटिंग होती है, लेकिन पहले चरण की 15 सीटों के लिए छह जिलों में होने वाले चुनाव में अभी तक कोई भी प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत नहीं पकड़ा गया है।
पहले चरण में कारगिल, लेह, गांदरबल, डोडा, रामबन और किश्तवाड़ की 15 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। अभी तक कोई भी प्रिवेंटिव डिटेंशन में नहीं पकड़ा गया है। नियम है कि यदि प्रिवेंटिव डिटेंशन में कोई पकड़ा जाए तो उसकी जेल में ही वोटिंग की जाती है, लेकिन अभी तक फिलहाल कोई खलल डालने वाला नजर नहीं आ रहा। जो प्रशासन के लिए थोड़ी राहत दे रहा है।
लेह, कारगिल, रामबन, डोडा, गांदरबल और किश्तवाड़ जिलों के उपायुक्त से बात करने पर उन्होंने बताया कि अभी फिलहाल कोई नहीं पकड़ा गया है, लेकिन चुनाव के समाप्त होने तक कोई भी पकड़ा जा सकता है। सभी उपायुक्तों ने कहा है यदि मतदान समाप्त होने से पहले भी कोई पकड़ा गया तो उसकी वोटिंग करा दी जाएगी।