फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Vladimir Putin first to leave G20 summit, pleading lack of sleep

'नींद' का बहाना कर पुतिन क्यों चले गए?

Mon, 17 Nov 2014 01:23 PM IST
Updated Mon, 17 Nov 2014 01:23 PM IST
विज्ञापन
Vladimir Putin first to leave G20 summit, pleading lack of sleep

यूक्रेन मामले पर पश्चिमी देशों का दबाव झेल रहे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यह कहते हुए जी-20 सम्मेलन छोड़कर स्वदेश रवाना हो गए हैं कि उन्हें नींद की जरूरत है।

विज्ञापन


जी-20 सम्मेलन के अंतिम दौर की वार्ता में शामिल हुए बिना ही वह ऑस्ट्रेलिया से चले गए। हालांकि उन्होंने सम्मेलन के लंच में जरूर हिस्सा लिया और ‘रचनात्मक’ चर्चा की तारीफ भी की।
विज्ञापन


यूक्रेन में मलयेशियाई विमान के गिराए जाने के मुद्दे पर ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और जापान ने संयुक्त रूप से रूस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पीड़ितों के लिए न्याय की मांग की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


बावजूद इसके ब्रिसबेन से रवाना होने से पहले पुतिन ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए ऑस्ट्रेलियाई पीएम टोनी एबॉट की तारीफ की।

पुतिन ने ये कहा सफाई में

Vladimir Putin first to leave G20 summit, pleading lack of sleep

हालांकि पुतिन ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके स्वदेश लौटने से इस विवाद का कोई लेना देना नहीं है। वह वापस काम पर लौटने से पहले थोड़ी देर सोना चाहते थे।

पुतिन ने कहा,"हमें यहां से व्लादिवोस्तोक पहुंचने में नौ घंटे लगेंगे और वहां से मॉस्को पहुंचने के लिए हमें फिर से नौ घंटे का सफर करना होगा। इसके बाद सोमवार को हमें घर लौटकर काम पर जाना है। इसलिए मुझे कम से कम चार से पांच घंटे की नींद की जरूरत है।"

दरअसल अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान का मानना है कि मलयेशियाई विमान को रूस समर्थक विद्रोहियों ने मार गिराया था। वार्ता के बाद इन तीनों देशों ने कहा कि वे क्रीमिया में रूस की गतिविधियों का विरोध करेंगे और विमान में मारे गए लोगों के लिए न्याय की अपील करेंगे।

बराक ओबामा, टोनी एबॉट और शिंजो अबे ने संयुक्त बयान जारी कर ये बातें कहीं।

इन सब बातों से खफा थे पुतिन

Vladimir Putin first to leave G20 summit, pleading lack of sleep

ब्रिटेन के पीएम डेविड कैमरन और पुलिन के बीच शनिवार को करीब 50 मिनट की बातचीत हुई थी। ब्रिटेन ने पुतिन से कहा था कि यदि रूस, यूक्रेन से बाहर नहीं निकलता तो उस पर नए प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

कनाडा के पीएम स्टीफन हार्पर ने पुतिन से कहा था कि,"आपको यूक्रेन से बाहर निकल जाना चाहिए।"

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा था कि यूक्रेन में रूस की आक्रमकता दुनिया के लिए खतरा है। चीन में एपेक सम्मेलन के दौरान भी पुतिन और ओबामा बेहद अनमने ढंग से मिलने नजर आए थे।

ऑस्ट्रेलिया में काफी प्रदर्शनकारी भी रूस की यूक्रेन में भूमिका को लेकर सम्मेलन स्थल के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed