'नींद' का बहाना कर पुतिन क्यों चले गए?
यूक्रेन मामले पर पश्चिमी देशों का दबाव झेल रहे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यह कहते हुए जी-20 सम्मेलन छोड़कर स्वदेश रवाना हो गए हैं कि उन्हें नींद की जरूरत है।
जी-20 सम्मेलन के अंतिम दौर की वार्ता में शामिल हुए बिना ही वह ऑस्ट्रेलिया से चले गए। हालांकि उन्होंने सम्मेलन के लंच में जरूर हिस्सा लिया और ‘रचनात्मक’ चर्चा की तारीफ भी की।
यूक्रेन में मलयेशियाई विमान के गिराए जाने के मुद्दे पर ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और जापान ने संयुक्त रूप से रूस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पीड़ितों के लिए न्याय की मांग की थी।
बावजूद इसके ब्रिसबेन से रवाना होने से पहले पुतिन ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए ऑस्ट्रेलियाई पीएम टोनी एबॉट की तारीफ की।
पुतिन ने ये कहा सफाई में
हालांकि पुतिन ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके स्वदेश लौटने से इस विवाद का कोई लेना देना नहीं है। वह वापस काम पर लौटने से पहले थोड़ी देर सोना चाहते थे।
पुतिन ने कहा,"हमें यहां से व्लादिवोस्तोक पहुंचने में नौ घंटे लगेंगे और वहां से मॉस्को पहुंचने के लिए हमें फिर से नौ घंटे का सफर करना होगा। इसके बाद सोमवार को हमें घर लौटकर काम पर जाना है। इसलिए मुझे कम से कम चार से पांच घंटे की नींद की जरूरत है।"
दरअसल अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान का मानना है कि मलयेशियाई विमान को रूस समर्थक विद्रोहियों ने मार गिराया था। वार्ता के बाद इन तीनों देशों ने कहा कि वे क्रीमिया में रूस की गतिविधियों का विरोध करेंगे और विमान में मारे गए लोगों के लिए न्याय की अपील करेंगे।
बराक ओबामा, टोनी एबॉट और शिंजो अबे ने संयुक्त बयान जारी कर ये बातें कहीं।
इन सब बातों से खफा थे पुतिन
ब्रिटेन के पीएम डेविड कैमरन और पुलिन के बीच शनिवार को करीब 50 मिनट की बातचीत हुई थी। ब्रिटेन ने पुतिन से कहा था कि यदि रूस, यूक्रेन से बाहर नहीं निकलता तो उस पर नए प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
कनाडा के पीएम स्टीफन हार्पर ने पुतिन से कहा था कि,"आपको यूक्रेन से बाहर निकल जाना चाहिए।"
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा था कि यूक्रेन में रूस की आक्रमकता दुनिया के लिए खतरा है। चीन में एपेक सम्मेलन के दौरान भी पुतिन और ओबामा बेहद अनमने ढंग से मिलने नजर आए थे।
ऑस्ट्रेलिया में काफी प्रदर्शनकारी भी रूस की यूक्रेन में भूमिका को लेकर सम्मेलन स्थल के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।