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केंद्रीय मंत्री बोले, ‘डिप्लोमेसी नहीं है सूर्य नमस्कार को हटाना’

Mon, 22 Jun 2015 11:56 AM IST
Updated Mon, 22 Jun 2015 11:56 AM IST
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VK Singh says, 'sun salutations removal is not Diplomacy.'

‘सूर्य नमस्कार का संबंध किसी धर्म से नहीं है। यह एक यौगिक क्रिया है। भारतीय योग में 12 प्रकार से सूर्य नमस्कार की क्रिया की जाती है। इससे शक्ति मिलती है और शरीर निरोगी रहता है। कुछ लोगों ने सूर्य नमस्कार पर विरोध जताया था। इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने का प्रयास किया जा रहा था। भारत की यह बड़ी उपलब्धि कहीं राजनीति का शिकार न हो जाए, इसलिए ही सूर्य नमस्कार को योग से हटा दिया गया। यह कोई डिप्लोमेटिक फैसला नहीं है। सिर्फ विवाद से बचने के लिए ऐसा किया गया।’ यह कहना है गाजियाबाद के सांसद और केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह का। अपने राजनगर स्थित आवास पर हुई एक विशेष बातचीत के दौरान उन्होंने यह बात कही।

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वीके सिंह का कहना था कि सूर्य नमस्कार सूर्य की पूजा नहीं है। शरीर को निरोगी और प्रत्येक अंग को क्रियाशील बनाने के लिए इस योग को किया जाता है। इसका वैज्ञानिक आधार भी है। सूर्योदय के समय किए जाने वाले इस योग से आंखों की रोशनी भी बढ़ती है। अब जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को समझाने का प्रयास किया जाएगा।

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भारत में ही उठे विरोध के स्वर

VK Singh says, 'sun salutations removal is not Diplomacy.'

केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने कहा कि भारतीयों ने समय-समय पर विदेशों में योग पर व्याख्यान भी दिया है। वेनेजेएला, जमैका और मैक्सिको जैसे देशों में योग का प्रचलन है। दुनिया में कहीं भी योग का विरोध नहीं है। वहां धर्म के नाम पर कभी योग को नहीं जोड़ा जाता। भारत में ऐसी स्थिति है कि यहां आप कुछ भी करें उसका विरोध होना तय है। अज्ञानता की वजह से आलोचना करने वाले लोग धर्म और योग को संकीर्णता में बांधना चाहते हैं।

विश्व योग दिवस के लिए विदेश राज्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री ने यूनाइटेड नेशन के समक्ष विश्व योगा दिवस के प्रस्ताव को रखा और 177 देशों ने इस पर अपनी सहमति दी। यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।

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