'दुनिया को 'हिंदू' से नया रास्ता मिलेगा'
दिल्ली में चल रही विश्व हिंदू कांग्रेस में बोलते हुए आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि दुनिया को 'हिंदू' से नया रास्ता मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब दुनिया को सिखाने का सही वक्त आ गया है।
भागवत ने कहा कि हिंदू का मतलब कोई धर्म नहीं है, बल्कि इसका मतलब तो अनेकता में एकता है। हमारे पास वो है जिसे दुनिया को दिया जाना चाहिए लेकिन उससे पहले खुद को जानना होगा।
उन्होंने कहा कि हिंदू का अस्तित्व सबसे पुराना है। दो हजार साल से रास्ता नहीं मिला है लेकिन अब वक्त आ गया है कि चलो और रुको मत, हर क्षेत्र में नाम कमाओ। किसी से डरो मत।
'आठ सौ साल बाद हिंदू सरकार'
इससे पहले विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंहल ने भी कांग्रेस को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आठ सौ साल बाद दिल्ली में हिंदुओं की सरकार बनी है।
गौरतलब है कि ये कार्यक्रम 23 नवंबर तक चलेगा। इस सम्मेलन में 40 देशों के 1500 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम का आयोजन वर्ल्ड हिंदू फाउंडेशन की ओर से किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में मोदी शामिल नहीं होंगे। माना जा रहा है कि वे अपनी छवि को उदार बनाने की कोशिशों में जुटे हैं और यही कारण है कि वो इस कार्यक्रम से दूर रहेंगे।