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इस बार धूमल को जाना होगा जेल: वीरभद्र
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sun, 19 Jan 2014 01:21 AM IST
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भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि उनके पचास साल के सार्वजनिक जीवन को जिस तरह बार-बार झूठे आरोप लगाकर प्रेम प्रकाश धूमल व भाजपा के कुछ लोग नष्ट करने पर आमादा है उन्हें इस बार वह माफ नहीं करेंगे। उन्हें वह न्यायालय से सजा दिलवाएंगे।
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दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनका या उनके परिवार का कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह की अनियमितता में शामिल नहीं है इसलिए वे जांच से नहीं डरते। उन्हें मीडिया से भी शिकायत है कि भाजपा के अनर्गल आरोपों के बारे में किसी ने उनका पक्ष जानने की कोशिश नहीं की।
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वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने कहा कि धूमल पहले भी दो बार उन पर झूठे आरोप लगा चुके हैं। हर जांच में वह निर्दोष साबित हुए।
गलती मानने के कारण उन्होंने पहले धूमल के खिलाफ कार्रवाई वापस ले ली थी किंतु इस बार वह धूमल, उनके बेटों तथा वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण जेटली के खिलाफ मानहानि का आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया है।
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वे अपने आरोपों पर खरे साबित नहीं होंगे। उन्हें जेल जाना होगा क्योंकि वह उन्हें इस बार माफ नहीं करेंगे।
वीरभद्र ने कहा कि उन पर लगे आरोपों को लेकर कांग्रेस हाईकमान ने कोई सवाल नहीं पूछा न ही उन्हें कभी तलब किया गया। उन्होंने सारी स्थिति स्पष्ट कर दी है।
कांग्रेस हाईकमान का उनपर पूरा भरोसा है। साई कोठी प्रोजेक्ट मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट की अनुमति एवं चार बार एक्सटेंशन खुद धूमल सरकार ने दिया।
अंतिम बार ठीक चुनाव से दो दिन पहले एक्सटेंशन दिया गया था। उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश पर 10 महीने के लिए एक्टेंशन दिया था और उसके साथ ही वित्तीय जुर्माना भी लगाया। जुर्माना नहीं देने पर कंपनी का लाइसेंस निरस्त भी कर दिया गया।
साई कोठी प्रोजेक्ट के संचालक से पैसे लिए जाने के आरोप पर उन्होंने सफाई दी कि क्या देश में एक भी ऐसा केस है कि जिसमें चेक के माध्यम से किसी ने रिश्वत ली हो।
कंपनी के संचालक से उनका पुराना संबंध है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर 2011 में चेक से उनसे ऋण लिया था और चेक से उसका पेमेंट भी कर रहा हूं।
इसमें गैरवाजिब क्या है। इस उम्र में उन्हें कोई बैंक तो ऋण देने से रहा। वह अपने निवेश को समय से पहले तोड़ना नहीं चाहते थे। अब वह अपने निवेश के परिपक्व होने पर ऋण लौटा रहे हैं।
उन्होंने धूमल पर आरोप लगाया कि अवैध तरीके से उनके खातों की डिटेल निकाली जा रही है। इसके लिए जिम्मेदार लोगों को भी वह कानूनी सजा दिलाएंगे।
भाजपा बार-बार उन्हें ही क्यों निशाना बनाती है। इस सवाल पर वीरभद्र सिंह ने कहा कि भाजपा के लोग जानते हैं कि प्रदेश में वह उनकी राह का सबसे बड़ा रोड़ा हैं। वे उन्हें रास्ते से हटाकर अपनी राजनीतिक राह आसान बनाना चाहते हैं।
उन्होंने चैलेंज किया कि लोकसभा चुनाव में भाजपा को हिमाचल में फिर मुंह की खानी होगी। उन्होंने स्वीकार किया कि क्रिकेट के नाम पर जिस तरह सरकारी जमीन की बंदरबांट धूमल के बेटों ने की है उसके खुलासे से भी वे उनके खिलाफ हो सकते हैं।