{"_id":"3be021a0-4ddc-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"virbhadra-acquitted-in-cd-case-by-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"ताजपोशी से पहले रिश्वत कांड से बरी हुए वीरभद्र ","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
ताजपोशी से पहले रिश्वत कांड से बरी हुए वीरभद्र
शिमला/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 25 Dec 2012 08:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विशेष न्यायाधीश (वन) शिमला बीएल सोनी की अदालत ने भ्रष्टाचार के कथित आरोपों के बहुचर्चित सीडी केस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस विधायक दल के नवनिर्वाचित नेता वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी एवं पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह को सोमवार को बरी कर दिया। कोर्ट ने यह फैसला अंतिम दो गवाहों के पेश होने के बाद शाम के वक्त वीरभद्र सिंह और प्रतिभा सिंह की मौजूदगी में सुनाया। वीरभद्र सिंह अदालत से घंटा पहले कोर्ट परिसर में पहुंच गए थे।
विज्ञापन
न्यायाधीन ने आदेश में कहा कि अदालत ने कहा कि अभियोजन इस मामले को साबित करने में असफल रहा है। इसलिए वीरभद्र सिंह और प्रतिभा सिंह को आईपीसी 120 बी सहित भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 7, 11, 13(1)(डी) सहित 13(2) में बरी कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त आईपीसी की धारा 120-बी और भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 9 के तहत प्रतिभा सिंह को भी आरोपमुक्त किया जाता है। उनके बेल बोंड्स और श्योरिटी बोंड्स भी कैंसल और डिस्चार्ज किए जाते हैं।
विज्ञापन
अदालत ने कहा कि चूंकि प्रतिभा सिंह की ओर से मैकमोहन लिमिटेड और अंबुजा सीमेंट से संबंधित मामलों पर व्यक्तिगत प्रभाव बनाने का कोई प्रमाण नहीं है। न ही वीरभद्र सिंह के खिलाफ किसी प्रकार के मिस कंडक्ट का सबूत है। इसलिए इन सारे बिंदुओं को नकारा जाता है।
विज्ञापन
वीरभद्र की ओर से अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में कोई भी विश्वसनीय सबूत नहीं हैं कि कथित ऑडियो को रिकार्ड किया गया था और यह भी कि इसमें हुआ वार्तालाप सत्य है। इसका भी कोई सबूत नहीं है कि यह कट एंड पेस्ट का मामला नहीं है। कानून कहता है कि संदेह भले ही मजबूत हो, लेकिन यह साक्ष्य का स्थान नहीं ले सकता है। ऑडियो कैसेट उपलब्ध नहीं है। मामले को साबित करने के लिए आवश्यक प्रमाण नहीं मिले हैं।
सोमवार को इससे पहले इस मामले के आखिरी गवाह अधीनस्थ सेवाएं बोर्ड के पूर्व चेयरमैन एसएम कटवाल और जांच अधिकारी दयासागर की गवाही हुई। इसके बाद वीरभद्र सिंह और प्रतिभा सिंह स्वयं अदालत में पेश हुए। वीरभद्र सिंह के साथ वरिष्ठ अधिवक्ता आरएस चीमा, श्रवण डोगरा, अजय कोछड़, आरएस वर्मा और केएस नेलवा पेश हुए।
सरकार की ओर से लोक अभियोजक एल एस नेगी पेश हुए। अधिवक्ता श्रवण डोगरा ने बताया कि अभियोजन के कुल 61 गवाहों में से 39 ही अदालत में पेश हुए। बाकी को अभियोजन ने छोड़ दिया था। इस मामले के प्रमुख गवाह एसएम कटवाल कोर्ट में चार अवसर देने के बाद ही पहुंचे। उन्होंने बताया कि यह मामला झूठी बुनियाद पर टिका था।
सत्य की जीत है यह: वीरभद्र
वीरभद्र सिंह ने कहा कि यह सत्य की जीत है। उन्होंने हमेशा ईमानदारी से हिमाचल की सेवा की है। उनके राजनीतिक विरोधियों ने उन पर यह झूठा सीडी मामला बनाया और आज उन्हें न्याय मिल गया है। उन्होंने कहा कि धूमल सरकार ने उन पर पूर्व में भी कई झूठे केस बनाए थे, लेकिन वह सच्चाई के साथ थे और उनकी छवि को कोई धूमिल नहीं कर पाया।
रिज पर शपथ ग्रहण की तैयारियां पूरी
वीरभद्र सिंह मंगलवार सुबह 10.30 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। ऐतिहासिक रिज मैदान में राज्यपाल उर्मिला सिंह उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगी। शपथ ग्रहण की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उनके साथ मंत्रिमंडल की शपथ भी होने की संभावना है।
कैबिनेट के लिए ऊना से मुकेश अग्निहोत्री, कांगड़ा से सुधीर शर्मा और कुल्लू से कर्ण सिंह के अलावा नीरज भारती और ठाकुर सिंह भरमौरी के नाम की चर्चा है। पंडित सुखराम के बेटे और मंडी सदर से विधायक अनिल शर्मा भी कैबिनेट में आ सकते हैं।