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पद्म अवॉर्ड के लिए बढ़ाए रिश्तेदारों के नाम!
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 09 Nov 2013 05:28 PM IST
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पद्म अवॉर्ड से नवाजा जाने के क्या मायने हैं, इस बात से हम सभी वाकिफ हैं। लेकिन पुरस्कारों की दुनिया में भी अब सियासत का रंग दिखने लगा है।
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कई नेताओं, मंत्रियों और प्रतिष्ठित लोगों की चाहत है कि उनके रिश्तेदारों या खासमखास लोगों को सबसे प्रतिष्ठित नागरिक पुरस्कार पद्म अवॉर्ड मिले और इसके लिए वे सिफारिश करने से भी नहीं चूकते।
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आरटीआई के जरिए मांगी गई सूचना से इस बात का खुलासा हुआ है। आरटीआई कार्यकर्ता सुभाष चंद्र अग्रवाल ने गृह मंत्रालय से उन नेताओं और लोगों की जानकारी मांगी थी, जिन्होंने पद्म पुरस्कारों के लिए नामों की सिफारिश की। इनमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।
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किसने लगाई किसकी सिफारिश?
नेताओं ने न केवल अपने रिश्तेदार, सहयोगी का नाम प्रस्तावित किया, बल्कि कुछ मामलों में एक साथ 25 से ज्यादा नामों की सिफारिश भी की गई।
गृह मंत्रालय के अनुसार, अप्रैल 2013 तक कांग्रेसी नेता मोतीलाल वोरा, सांसद टी सुब्बारामी रेड्डी और शास्त्रीय गायक पंडित जसराज ने दर्जन भर से ज्यादा नामों की सिफारिश इस पुरस्कार के लिए की।
स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने अपनी बहन और उस्ताद अमजद अली खान ने अपने बेटे अमान और अयान अली बंगेश को नामित किया।
समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता अमर सिंह ने अपनी विश्वासपात्र और राज्यसभा सांसद जया प्रदा के लिए सिफारिश का रास्ता अपनाया।
ठीक इसी तरह संसदीय कार्यमंत्री राजीव शुक्ला ने सात लोगों की सिफारिश की। दूसरे ऐसे मंत्रीगण, जिन्होंने एक से ज्यादा नामों की सिफारिश की, उनमें सलमान खुर्शीद, चरणदास महंत, वी नारायण सामी और मुल्लापल्ली रामचंद्रन शामिल हैं।
अग्रवाल का कहना है कि कई बार ऐसे लोगों को यह अवॉर्ड दे दिया जाता है, जो हकीकत में इसके हकदार नहीं होते। इसके पीछे नेताओं की लॉबिंग होती है। जो असल हकदार हैं, वे कई बार इस तक नहीं पहुंच पाते।