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जेटली बोले, विरोध के लिए 'गुंडागर्दी' ठीक नहीं

Wed, 21 Oct 2015 08:53 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 21 Oct 2015 08:53 PM IST
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'Violence is not solution of every problem'

वित्तमंत्री अरुण जेटली ने देश में बढ़ रही असहिष्णुता और हिंसा की घटनाओं की निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह व्यवहार बहुत परेशान करने वाला है और इन मुद्दों पर सभ्य तरीके से बातचीत होनी चाहिए।

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केंद्रीय मंत्री के अनुसार भाजपा ने अपने उन नेताओं का भी संज्ञान लिया है, जिन्होंने दादरी घटना पर विवादित बयान दिए थे। पार्टी ने ऐसे बयानों के प्रति स्पष्ट तौर पर अपनी असहमति जाहिर कर दी है।
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वित्तमंत्री ने अपने नेताओं की विवादित बयानबाजी पर भी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने बताया कि पीएम के बयान के बाद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने तीनों को बुलाया था। उन्हें बता दिया गया है कि पार्टी उनके बयान से खुश नहीं है। जेटली ने यह बात ऐसे समय कही है, जब उनके कई नेता अपने बिगड़े बोलों और भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना अपने कामों को लेकर चर्चा में है।
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एक दिन पहले ही शिवसेना ने बीसीसीआई ऑफिस में हंगामा किया तो दिल्ली में एक हिंदूवादी संगठन ने जम्मू-कश्मीर के विधायक शेख अब्दुल रशीद पर स्याही फेंक दी। इससे पहले पाकिस्तानी गजल गायक गुलाम अली के कार्यक्रम रद्द होने और सुधींद्र कुलकर्णी पर स्याही फेंकने की घटना देश-दुनिया की सुर्खियां बन चुकी हैं।

जेटली के मुताबिक कुछ लोग विरोध दर्ज कराने या अपनी बात रखने के लिए गुंडागर्दी का सहारा ले रहे हैं। यह बहुत ही गलत है।

देश की छवि के लिए आत्मविश्लेषण करने की जरूरत

'Violence is not solution of every problem'

भारत जैसे विशाल देश में कई विषयों पर विभिन्न विचार हो सकते हैं। हमारे यहां उन अलग विचारों को व्यक्त करने का सभ्य तरीका था। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इनमें से कई मुद्दे बहुत ही गंभीर हैं।

उन्होंने कहा कि सही समझ रखने वाले वर्ग को ऐसी कार्य पद्धति से दूरी बना लेनी चाहिए। इन तरीकों का इस्तेमाल करने वालों को इस बारे में जरूर आत्मविश्लेषण करना चाहिए कि वे भारतीय लोकतंत्र को आगे बढ़ा रहे हैं या वास्तव में एक देश के तौर पर दुनिया के सामने भारत की विश्वसनीयता घटा रहे हैं।

जेटली ने एक प्रश्न के जवाब में शिवसेना को सीख देते हुए कहा कि पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते सोची-समझी रणनीति के आधार पर चलते हैं। उन्हें सड़क पर अपने तरीके से नहीं संचालित किया जा सकता। 

नैतिकता की बुनियाद को मजबूत बनाएं

'Violence is not solution of every problem'

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देश के सांप्रदायिक माहौल पर दोबारा से चिंता जताई है। दुर्गा पूजा की पूर्व संध्या पर अपने संदेश में उन्होंने देशवासियों से अपील ‌की है कि वे मां दुर्गा से कामना करें कि वे समाज की नैतिकता की बुनियाद को मजबूत करें तथा हमें विभाजनकारी और विध्वंसक प्रवृत्तियों से दूर रखें।

प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि मां दुर्गा न्याय, सच्चाई और ज्ञान के मार्ग पर चलने के लिए हमारा मार्ग प्रशस्त करेंगी। राष्ट्रपति ने कहा है कि इस पवित्र त्यौहार के दौरान हम कामना करें कि संपूर्ण ब्रह्मांड की मां सबमें भाईचारे और सब के प्रति प्रेम की भावना भरें।

उन्होंने कहा है कि दुर्गापूजा असत्य पर सत्य, बुराई पर अच्छाई, अंधकार पर प्रकाश और अज्ञान पर ज्ञान की विजय का प्रतीक है। प्रणव की इस अपील को देश के सांप्रदायिक माहौल को लेकर जारी चर्चा से जोड़कर देखा जा रहा है।

इससे पहले दादरी घटना पर भी प्रणब मुखर्जी ने देश को भारतीय सभ्यता में सहिष्णुता के मूल्यों की याद दिलाई थी। उसके बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मामले में अपनी चुप्पी तोड़ी थी।

सोमवार को भी उन्होंने भारतीय संस्कृति के बुनियादी मूल्यों की याद दिलाई थी। देश में सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर जारी बहस के बीच प्रणव की इन नसीहतों को अहम माना जा रहा है।

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