'मनमोहन को बचाने के लिए 3 सांसदों ने डाला दबाव'
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देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बचाने के लिए तीन कांग्रेस सांसदों ने पूर्व कैग प्रमुख विनोद राय के ऊपर दवाब डाला था। यह बात पूर्व कैग प्रमुख विनोद राय ने समाचार चैनल टाइम्स नाऊ को दिए साक्षात्कार में कही है।
भारत के पूर्व महालेखा एवं परीक्षक नियंत्रक विनोद राय ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस के तीन पूर्व सांसदों पर 1.76 लाख करोड़ के 2जी घोटाले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
बकौल पूर्व कैग प्रमुख विनोद राय, मुताबिक मनमोहन सिंह को 2जी घोटाले की पूरी जानकारी थी, लेकिन वह इस पर मौन साधे रहे। राय ने कहा कि मनमोहन सिंह को कोयला घोटाले से संबंधित जानकारी भी पूर्व प्रधानमंत्री को पहले दे दी गई थी।
कांग्रेस के तीन तत्कालीन सांसदों संजय निरुपम, अश्विनी कुमार और संदीप दीक्षित पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इस घोटाले से बाहर रखने को लेकर दबाव डाला था।
पूर्व कैग प्रमुख विनोद राय ने कहा कि मनमोहन सिंह के 2जी घोटाले की सारी जानकारी थी। साथ ही अगर वह चाहते तो तत्कालीन दूरसंचार मंत्री ए.राजा को रोक सकते थे।
कमलनाथ ने किया था मनमोहन सिंह को आगाह
राय के कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस कमलनाथ समेत कुछ मंत्रियों ने 2जी घोटाले को लेकर पीएम को सजग भी किया था। राय ने बताया कि किस तरह से जानकारी होने के बावजूद कमलनाथ की इस चेतावनी को नजरंदाज कर दिया गया।
राय के मुताबिक पीएम को कोयला घोटाले के लेकर भी पहले ही अलर्ट कर दिया गया था। पूर्व कोयला सचिव ने भी कोयला घोटाले को लेकर राय के दावों का समर्थन किया है।
2जी स्पेक्ट्रम पर 2008 में लिए गए फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने गलत करार देते हुए सभी 122 लाइसेंसों को रद्द कर दिया था। सर्वोच्च न्यायलय ने कहा था कि यह निर्णय लोगों के हितों के खिलाफ है और समानता के विपरीत लिया गया निर्णय है।
गौरतलब है कि कैग ने 1.76 लाख करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया था।