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‘गांवों में घुसने की हिम्मत न करे पुलिस’

Mon, 24 Feb 2014 08:48 AM IST
Updated Mon, 24 Feb 2014 08:48 AM IST
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Villagers threaten to police in muzaffarnagar

दंगों के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दबिश के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। लिसाढ़ में हुई पंचायत में ग्रामीणों ने साफ कर दिया कि किसी भी गांव में दबिश के लिए पुलिस को नहीं घुसने दिया जाएगा।

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आगामी रणनीति तय करने को एक मार्च को सभी खाप चौधरी और हिंसा प्रभावित सभी गांव के प्रतिनिधियों की महापंचायत होगी जिमसें कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।

उधर लांक में भी गांव की महिलाओं ने पंचायत कर ऐलान कर दिया कि गांव से किसी की गिरफ्तारी नहीं होने देंगे।

'बेकसूरों को फंसाया गया'

Villagers threaten to police in muzaffarnagar

दंगे के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए शनिवार को हुई पुलिस दबिश के विरोध में रविवार दोपहर लिसाढ़ की चौपाल पर एक पंचायत बुलाई गई।

गठवाला खाप चौधरी बाबा हरकिशन मलिक के प्रतिनिधि उनके पुत्र राजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई इस पंचायत में राजेंद्र सिंह ने कहा कि दंगों में फर्जी नामजदगी कराई गई, एक-एक घटना की कई कई रिपोर्ट दर्ज हैं, बेकसूरों को इनमें फंसा दिया गया गांवों के नौजवानों पर मुकदमे दर्ज कराकर उनका करियर चौपट कर दिया गया है।

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अध‌िकारी मान रहे हैं चूक

Villagers threaten to police in muzaffarnagar

खनऊ में हुई पुलिस अफसरों की बैठक में पुलिस महकमे के आला अफसर ही फर्जी नामजदगी और पुलिस की चूक की बात कह चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद पुलिस गिरफ्तारी के लिए गांवों में दबिशें डाल रही है।

उन्होंने कहा कि उन्हें इन घटनाओं की पुलिस जांच पर विश्वास नहीं है, इनकी सीबीआई जांच होनी चाहिए।

राजेंद्र ने कहा कि वह और गांव पुलिस कार्रवाई के खिलाफ नहीं है, लेकिन किसी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी, सीबीआई जांच कराई जाए, जो दोषी मिलेंगे उन्हें गिरफ्तार किया जाए इसमें किसी को एतराज नहीं है।

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पुल‌िस को घुसने नहीं देंगे

Villagers threaten to police in muzaffarnagar

भाजपा नेता नितिन मलिक ने कहा कि जब तक दंगों की जांच संबंधी केस कोर्ट में चल रहा है, तब तक पुलिस को इसमें कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।

राजेंद्र मलिक ने बताया कि पंचायत में निर्णय लिया गया कि पुलिस को दबिश के लिए गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा, एकजुट होकर पूरा गांव विरोध करेगा जरूरी हुआ तो पड़ोसी गांव भी मदद करेंगे।

एक मार्च को सर्वखापों की महांचायत होगी जिसमें खाप चौधरियों के अलावा प्रत्येक गांवों के गणमान्य लोग बतौर प्रतिनिधि शामिल होंगे। सबकी सलाह से आगे की रणनीति तैयार की जाएगी, आवश्यकता हुई तो बड़े फैसले भी लिए जा सकते हैं।

पुलिस के डर से रात पर जागते हैं लोग

Villagers threaten to police in muzaffarnagar

पंचायत में गांव के लोगों ने कहा कि  पहले पुलिस गांव में रातभर जागकर ग्रामीणों की सुरक्षा करती थी। रात को पुलिस की जीप की आवाज सुनकर लोग सुकून से सोते थे, लेकिन आज हालात उलट गए हैं। अब गांव के लोग पुलिस से घबराने लगे हैं।

पुलिस की जीप की आवाज सुनकर दहशत पसर जाती है। रात को पुलिस के आने के डर से लोग पहरा दे रहे हैं, उन्हें डर है कि पता नहीं पुलिस कब आकर किसे उठा ले जाए। यह हालात दुखद हैं।

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