फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   village not on record in up.

यूपी: भूमाफिया के लिए 'मिटा' दिया पूरा गांव

Wed, 01 Apr 2015 09:23 AM IST
Updated Wed, 01 Apr 2015 09:23 AM IST
विज्ञापन
village not on record in up.

भूमाफिया को फायदा पहुंचाने के लिए राजस्व अधिकारियों ने 482 एकड़ का पूरा गांव (गौतमबुद्ध नगर के नगला-नगली और नगला शादपुर) ही नक्शे से उड़ा दिया। राजस्व रिकार्ड में अब इस जमीन का कहीं अता-पता नहीं है। एअरफोर्स के लिए 1950 में अधिग्रहीत की गई इस जमीन का रिकार्ड अब खुद एअरफोर्स के पास भी नहीं है। जनहित याचिका के जरिए यह मामला हाईकोर्ट के समक्ष आने पर अधिकारियों ने रिकार्ड दे पाने में हाथ खड़े कर दिए। अधिकारियों से जब जवाब तलब किया तो पता चला कि राजस्व विभाग के पास कोई भी दस्तावेज मौजूद नहीं है। मौजूदा समय में जमीन पर भूमाफियाओं के कब्जा करने का आरोप है।

विज्ञापन


हाईकोर्ट में अजीत सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायमूर्ति डा. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति एमके गुप्ता की पीठ ने प्रमुख सचिव राजस्व, अध्यक्ष राजस्व परिषद् और सेना के अधिकारियों से विस्तृत जवाब तलब किया है। उनसे जमीन के रिकार्ड प्रस्तुत करने को कहा गया है। पीठ ने सर्वेयर जनरल ऑफ इंडिया को विवादित स्थल का सर्वे कर अपनी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। याचिका में घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई है। पीठ ने कहा कि मौजूदा मामले को देखते हुए याची की मांग सही प्रतीत होती है मगर अधिकारी पहले जवाब दाखिल करें।
विज्ञापन


याची के वकील अनूप त्रिवेदी के मुताबिक इससे पूर्व हाईकोर्ट ने 25 फरवरी 2015 को डीएम और मुख्य राजस्व अधिकारी से विवादित भूमि को संरक्षित करने तथा जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। अधिकारियों की ओर से मंगलवार को जवाब दिया गया कि उनके पास इस गांव का कोई रिकार्ड नहीं है। रिकार्ड सेना के पास होना चाहिए जबकि एअरफोर्स के अधिकारियों ने कहा कि उनके पास रिकार्ड नहीं है। रिकार्ड राजस्व विभाग के पास होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

खंडपीठ ने जताई गहरी नाराजगी

village not on record in up.

ग्रामीणों को इस गड़बड़ी का तब पता चला जब नगला नगली और नगला शादपुर गांव की जमीनों की सेल डीड शुरू हो गई। यहां फार्म हाउस बनाए जाने लगे। गांव वालों की शिकायत पर अधिकारियों ने कोई संज्ञान नहीं लिया।

मामला तूल पकड़ने पर 14 अगस्त 2012 और 23 मई 2013 को रिकार्ड कीपर ने रिपोर्ट दी कि गांव से संबंधित कोई रिकार्ड राजस्व विभाग के पास नहीं है। रेवेन्यू मैप भी गायब है और प्रविष्टियां बदल दी गई हैं। खंडपीठ ने इस लीपापोती पर गहरी नाराजगी जताई है।

बाम्बिंग फील्ड के लिए ली गई थी जमीन

वर्ष 1950 में नगला नगली और नगला शादपुर गांव बुलंदशहर में थे। यहां की 482 एकड़ जमीन और हरियाणा की कुछ भूमि कुल मिला कर पांच हजार एकड़ भूमि एअरफोर्स के लिए बाम्बिंग फील्ड बनाने हेतु अधिग्रहीत की गई थी। बाद गौतमबुद्ध नगर नया जिला बनने पर दोनों गांव इसमें शामिल कर लिए गए। मगर 1950 के बाद से राजस्व रिकार्ड से इसकी इंट्री और नक्शा गायब बताया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed