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नक्सली हमले में घायल विद्याचरण शुक्ल की हालत नाजुक

Mon, 27 May 2013 08:27 AM IST
गुड़गांव/ रायपुर
गुड़गांव/ रायपुर Updated Mon, 27 May 2013 08:27 AM IST
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vidyacharan shukla condition serious in naxals attack

छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले में बुरी तरह घायल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विद्याचरण शुक्ल को गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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मेदांता अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. एके दुबे ने बताया कि शुक्ल की हालत चिंताजनक बनी हुई है।

इससे पहले हमले में बुरी तरह घायल 84 साल के शुक्ला का जगदलपुर के अस्पताल में ऑपरेशन किया गया और उनके शरीर तीन गोलियां निकाली गईं। मेदांता हॉस्पिटल की एयर एंबुलेंस से रविवार सुबह 5.30 बजे शुक्ल को गुड़गांव लाया गया।
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'मुझे भी कोई उठाओ'

नक्सलियों की गोलियों का शिकार बने शुक्ल से उठा नहीं जा रहा था। अफरा-तफरी के माहौल में जमीन पर पडे़ शुक्ल कराहते हुए लोगों से बार-बार खुद को उठाए जाने की बात कह रहे थे।
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मौके पर मौजूद मीडियाकर्मियों ने किसी तरह उन्हें उठाकर उनको कार में बिठाया। कार भी नक्सिलयों की गोली से छलनी हो गई थी। उसके शीशे के टुकडे़ सीटों पर बिखर गए थे, जिसे शुक्ल को बैठाने से पहले साफ किया गया। शुक्ल को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।

कौन हैं विद्याचरण शुक्ल
विद्याचरण शुक्ल कांग्रेस के वरिष्ठतम नेताओं में से एक हैं। आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी के सूचना प्रसारण मंत्री के रूप में वे बहुत चर्चित हुए थे।

मध्यप्रदेश के पहले मुख्यमंत्री पंडित रविशंकर शुक्ल के बेटे विद्याचरण शुक्ल ने कई बार केंद्रीय मंत्री की भूमिका निभाई।

वे 1957 से 1962 के बीच तीसरी लोकसभा में पहली बार लोकसभा के सदस्य चुने गए। इसके बाद वे चौथी, पाचवीं, सातवीं, आठवीं, नौवी, दसवीं लोकसभा के सदस्य चुने गए।

1929 में जन्में विद्याचरण शुक्ल 1966-67 से लेकर 1996 तक कई बार विभिन्न विभागों के केंद्रीय मंत्री रहे।

वे नरसिंह राव सरकार के बाद कई बार गैर-कांग्रेसी पार्टियों में गए जिसमें चन्द्रशेखर की समाजवादी जनता पार्टी और भाजपा शामिल है। इसके बाद वे कांग्रेस में लौट आए।


सोनिया गांधी से उनके ताल्लुकात कभी मधुर नहीं रहे क्योंकि राजनीतिक हलकों में ये चर्चा रही कि वे किसी समय राजीव गांधी को हटाकर खुद प्रधानमंत्री बनना चाहते थे।

उनके भाई श्यामाचरण शुक्ल तीन बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। जब छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ तो विद्याचरण शुक्ल नए राज्य के मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में से एक थे।

इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और पीवी नरसिंह राव के दौर में विद्याचरण शुक्ल से ज्यादा ताकतवर राजनेता कांग्रेस में शायद ही कोई रहा हो।

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