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सावधान: ट्रेनों में सफर करने वालों की होगी वीडियोग्राफी

Fri, 20 Feb 2015 03:51 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 20 Feb 2015 03:51 PM IST
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Videography in indian rail on sensitive routes

सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने तय किया है कि वह अब देश के संवेदनशील क्षेत्रों से गुजरने वाली ट्रेनों को वीडियोग्राफी सुविधा से लैस करेगा ताकि यात्रियों की सकुशल यात्रा सुनिश्चित हो सके। हालांकि यह सुविधा चुनिंदा ट्रेनों में ही उपलब्ध होगी।

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रेलवे ने यह भी तय किया है कि वह आरपीएफ जवानों के लिए कमांडो ट्रेनिंग सेंटर की सुविधा उपलबंध कराएगी जिन्हें देश के माओवादी हिस्सों से गुजरने वाली ट्रेनों में तैनात किया जाएगा।
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आरपीएफ परेड समारोह के उद्घाटन के मौके पर रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने बताया, "हमारा प्रयास है कि हम संवेदनशील हिस्सों से गुजरने वाली ट्रेनों में सुरक्षा बलों को तैनात कर सके। हमने चुनिंदा ट्रेनों में वीडियोग्राफी की प्रक्रिया को शुरु कर दिया है ताकि हम जान सकें कि ट्रेन में कौन कौन सफर कर रहा है।"
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प्रभु ने कहा कि वो माओवादी हिस्सों से गुजरने वाली ट्रेनों में आरपीएफ जवानों को तैनाती से पहले उनकी कमांडो ट्रेनिंग के लिए उपयुक्त जमीन की तलाश भी कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रेनों के कोच में सीसीटीवी कैमरे की सुविधा देने की भी योजना है ताकि हालात का जायजा लिया जा सके।

महिला वाहिनी का निर्माण करेगी रेलवे

Videography in indian rail on sensitive routes

रेलवे यात्रियों और विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए रेल मंत्री ने कहा कि जल्द ही एक अलग महिला वाहिनी का निर्माण किया जाएगा। मौजूदा समय में आरपीएफ में 1400 महिला जवान तैनात हैं और जल्द ही 1000 की तैनाती की जाएगी।

उन्होंने बताया कि हमने अलग से महिला बैरक के निर्माण के लिए 48 करोड़ के फंड को मंजूरी दी है। वहीं आरपीएफ की भूमिका की सराहना करते हुए प्रभु ने कहा, "यात्रियों को सुरक्षा मुहैया करना हमारा पहला दायित्व है।"

आरपीएफ के प्रस्तावित सशक्तिकरण पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए कानून में संशोधन की जरूरत है। जैसा कि कानून और व्यवस्था राज्य से जुड़ा मसला है, इसलिए इसमें राज्य का परामर्श लिया जाना भी जरूरी है।

उन्होंने बताया कि राज्यों को इस संबंध में इत्तला दे दी गई है और राज्यों के सहयोग के बाद ही इसे किया जा सकता है। वहीं सुरक्षा लिहाज से तकनीकी मजबूती पर उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक एप बनाया गया है और यह कई स्थानों पर काम भी कर रहा है।

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