मोदी के वादे से बैकफुट पर भाजपा
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शिवसेना को खुद पर हावी होने से बचाने के लिए भाजपा अपने घोषणा पत्र में अलग विदर्भ राज्य के गठन का वादा नहीं करेगी। हालांकि विदर्भ क्षेत्र में पार्टी के स्थानीय नेता मौखिक रूप से अलग राज्य के गठन का आश्वासन जरूर देंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महाराष्ट्र को किसी कीमत में नहीं बांटने देने की घोषणा के बाद पार्टी ने बृहस्पतिवार को जारी होने वाले घोषणा पत्र से अलग विदर्भ राज्य के निर्माण संबंधी वादे को हटा लिया है।
पार्टी ने यह कह कर भी अलग विदर्भ राज्य के गठन के वादे से दूरी दिखाने की कोशिश की है कि इसी साल हुए आम चुनाव में भी पार्टी ने नए राज्य के निर्माण का वादा नहीं किया था।
शिवसेना ने लगाया है महाराष्ट्र बांटने का आरोप
उल्लेखनीय है कि करीब ढाई दशक तक शिवसेना के अलग विदर्भ राज्य के गठन के विरोध के बावजूद भाजपा लगातार नए राज्य के गठन का समर्थन और वादा करती रही है।
अब पार्टी को लगता है कि अगर उसने विदर्भ के गठन का वादा किया तो शिवसेना फिर से भाजपा पर महाराष्ट्र को बांटने की साजिश का आरोप लगाएगी।
चुनाव से पहले 25 साल पुरानी दोस्ती टूटने के बाद शिवसेना पहले ही भाजपा पर महाराष्ट्र को बांटने की तैयारी करने का आरोप लगा चुकी है।