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'आसाराम को सजा मिलते ही जाऊंगा माता के दरबार'

Wed, 11 Sep 2013 12:10 PM IST
अमर उजाला, शाहजहांपुर
अमर उजाला, शाहजहांपुर Updated Wed, 11 Sep 2013 12:10 PM IST
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victim's father wished to god for punishment of asaram

जिस मां वैष्णो देवी से आशीर्वाद स्वरूप बिटिया को गोद में खिलाने का सौभाग्य मिला था, उसी के दोषी आसाराम को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने को बिटिया के पिता अब फिर उन्हीं से मन्नत मांग रहे हैं।

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आसाराम दुष्कर्म मामले में पीड़िता के पिता का कहना है कि कि जिस दिन दुराचारी को सजा होगी, उसी दिन नंगे पैर मां वैष्णो के दरबार में जाएंगे।

आसाराम को जेल में दूध और दलिया दिए जाने की अर्जी पर जोधपुर कोर्ट में मंगलवार को हुई बहस पर बिटिया के पिता ने कहा कि उन्होंने एक दिन पहले ही अपना पक्ष रख दिया था।
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उनका कहना था कि जब जेल में आसाराम को सारी सुविधाएं मिल जाएंगी तो जेल और सामान्य जिंदगी में अंतर क्या रह जाएगा, इसलिए उन्हें सामान्य कैदियों की तरह ही खाना आदि दिया जाए।
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उन्होंने कहा कि जब ढंग की दाल-रोटी नहीं थी और न ही आंगन में किलकारी गूंज रही थी, तो ऐसे बुरे वक्त में माता वैष्णो देवी ने ही उनकी झोली भरी थी।

पहले बेटा और बाद में मां के आशीर्वाद से बेटी का जन्म हुआ और इसके बाद एक बेटा और गोद में आ गया। रोजगार भी धीरे-धीरे चल पड़ा तो गृहस्थी की गाड़ी दौड़ने लगी।


इस बीच आसाराम से संपर्क हुआ तो उन्होंने इसे भी देवी की कृपा माना और उन्हें ही भगवान समझ कर पूजने लगे। आसाराम का पहला सत्संग उन्होंने अप्रैल 2001 में बरेली के मॉडल टाउन में ही सुना था। कड़क गर्मी में उन्हें ठंडी हवा महसूस हुई तो उन्होंने उसे चमत्कार समझ लिया।

इसके बाद उन्होंने मंदिरों में भी जाना बंद कर दिया था। उन्होंने भी अंधविश्वास किया, कभी कोई शक ही नहीं किया लेकिन ऐसा करके आज सब कुछ गंवा बैठे।


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