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इंटरनल ब्लीडिंग से पीड़िता की हालत और बिगड़ी

Tue, 25 Dec 2012 01:23 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Tue, 25 Dec 2012 01:23 PM IST
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victim condition deteriorates breathlessness

चलती बस में दरिंदगी की शिकार हुई युवती की हालत बिगड़ती ही जा रही है। पीड़िता को फिर से वेंटिलेटर पर रखा गया है। हालांकि उसके खून में व्हाइट ब्लड सेल्स और प्लेटलेट्स बढ़े हैं पर इंफेक्शन की वजह से इंटरनल ब्लीडिंग बढ़ने डॉक्टर बेहद चिंतित हैं। रक्स्राव रोकने के लिए डॉक्टर पूरी कोशिश कर रहे हैं।

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इंटरनल ब्लीडिंग और इंफेक्शन बढ़ने से पीड़िता को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। शनिवार और रविवार को उसने बात की थी, लेकिन सोमवार को उसने कोई बात नहीं की।
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सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बी. डी. अथाणी ने बताया कि रविवार रात से युवती के पेट में आंतरिक रक्त स्राव शुरू हो गया है। इसे रोकने के लिए दी जा रही दवाई बहुत कारगर साबित नहीं हो रही हैं। रक्त में संक्रमण भी बढ़ता जा रहा है।
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चिकित्सकों का कहना है कि संक्रमण के अलावा कुछ अन्य कारणों से भी आंतरिक रक्त स्राव हुआ। लगातार घटते प्लेटलेट्स को नियंत्रित करने के लिए रविवार रात और सोमवार को भी सिंगल डोनर प्लेटलेट्स चढ़ाई गई। इसके बाद प्लेटलेट्स 70 हजार पर पहुंच गई, जबकि रविवार को यह महज 19 हजार दर्ज की गई थी।

पीड़िता को प्लाज्मा भी चढ़ाया गया है। इसकी वजह से व्हाइट ब्लड सेल्स (डब्ल्यूबीसी) 6000 की संख्या तक पहुंच गई हैं। बुखार 102 से 104 डिग्री के बीच बना हुआ है।

एम्स ट्रॉमा सेंटर के प्रमुख डॉ. एम. सी. मिश्रा ने बताया कि युवती की किडनी सही काम कर रही है और पेशाब बन रहा है। उन्होंने बताया कि सांस लेने में दिक्कत हो रही है, लेकिन अभी तक फेफडे़ में संक्रमण के संकेत नहीं हैं।


शुभ संकेत:-
--प्लेटलेट्स काउंट 70 हजार पहुंचा
--डब्ल्यूबीसी बढ़कर 6000
--किडनी सही तरह से काम कर रही है
--फेफड़े में संक्रमण के संकेत नहीं
--पीलिया भी कम हुआ

चिंता की बात
--संक्रमण का स्तर और बढ़ा
--सोमवार को युवती ने मुंह नहीं खोला
--प्लेटलेट्स और डब्ल्यूबीसी काउंट अभी भी सामान्य से कम
--बुखार 102 से 104 डिग्री के बीच बना हुआ है

वह बोल नहीं पा रही है, लेकिन इशारों में अपनी बात समझाती है। वह मजबूत इरादों वाली लड़की है। इतनी खराब हालत के बाद भी उसने उम्मीद नहीं छोड़ी है। -डॉ. राजेश रस्तोगी, सफदरजंग अस्पताल के मनोचिकित्सा विभाग के प्रमुख

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