उपराष्ट्रपति ने कहा 'सरकार सुधारे अपनी चूक'
उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने सरकार से मांग की है कि
ये बात उपराष्ट्रपति ने मुस्लिमों के शीर्ष संगठन ऑल इंडिया मजलिस-ए-मुशावरत के स्वर्ण जयंती समारोह में कहीं। उन्होंने कहा कि सबका साथ सबका विकास का आधिकारिक लक्ष्य उम्दा है और इसके लिए सकारात्मक कदम एक आवश्यक आवश्यकता है।
अंसारी ने कहा कि सशक्तिकरण, राजकीय संपत्ति में समान हिस्सेदारी और निर्णय लेने की प्रक्रिया में निष्पक्ष हिस्सेदारी जैसे मुद्दे जो मुस्लिमों के समक्ष हैं, उन्हें हल करने करने के लिए रणनीतियां और कार्य प्रणाली विकसित करना एक चुनौती है।
राजनीतिक दूरदर्शिता जरूरी
उन्होंने यह भी कहा कि समाजिक शांति के लिए राजनीतिक दूरदर्शिता जरूरी है। अंसारी ने कहा कि देश की 14 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है और धर्मनिरपेक्ष राज्य के तहत रहने वाले मुस्लिम अल्पसंख्यकों का भारत का अनुभव बाकियों के लिए अनुसरण का मार्ग बनना चाहिए।
अंसारी ने सुरक्षा सहित अन्य मुद्दों पर भी अपनी बात रखी और कहा कि जहां तक वंचित रखने और भेदभाव का सवाल है, उसके लिए सरकार को अपनी चूक जल्द ही सुधारनी है और उसके लिए उचित व्यवस्था भी विकसित की जाए।
उन्होंने मोदी सरकार के उद्देश्य सबका साथ सबका विकास की तर्ज पर मुस्लिमों की पहचान एवं सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए की मांग की।