उपाध्यक्ष बैठे रहे, घंटी बजती रही, सांसद रहे नदारद
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मानसून सत्र में कांग्रेस के 25 सांसदों के निलंबन के चलते लोकसभा की कार्यवाही पहले से ही बाधित है। वहीं, सत्तापक्ष के सांसदों की लापरवाही के चलते न सिर्फ सरकार को शर्मसार होना पड़ा, बल्कि उनकी गैर मौजूदगी के चलते 25 मिनट सदन की कार्यवाही नहीं चल पाई।
लोकसभा में शुक्रवार को डिप्टी स्पीकर एम थंबीदुरई सदन की कार्यवाही के लिए आसन पर विराजमान रहे, लेकिन सांसदों का कोरम पूरा नहीं होने के चलते उन्हें सदन की कार्यवाही 25 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
हालांकि, साढ़े तीन बजे सांसदों को अपनी गलती का अहसास हुआ तो उन्होंने सदन में पहुंचकर किसी तरह कोरम पूरा किया। तब लोकसभा की कार्यवाही को आगे बढ़ाया जा सका।
कोरम भी नहीं हुआ पूरा
नियमानुसार लोकसभा की कार्यवाही के लिए सदन में कम से कम 54 सांसदों का
रहना जरूरी है। तीन बजे जब कार्यवाही शुरू हुई तो 40 के करीब ही सांसद
मौजूद थे।
ऐसे में तत्काल कोरम पूरा करने की घंटी बजाई गई, जिससे सांसद सदन
में पहुंच जाएं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद दो बार और घंटी बजाई गई
बावजूद इसके सांसद नहीं पहुंचे तब डिप्टी स्पीकर ने सदन को स्थगित कर दिया।
तीन बजकर 25 मिनट पर जब सदन दोबारा शुरू हुआ तब सत्ता पक्ष के सांसदों ने
गैर मौजूद रहने वाले सांसदों के देर से आने पर चुटकी भी ली।