मंदिरों में ड्रेस कोड के आदेश पर लगी रोक
मद्रास हाईकोर्ट ने एकल जज के उस विवादित आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें तमिलनाडु के मंदिरों में दर्शन के लिए ड्रेस कोड की व्यवस्था लागू की गई थी।
हिंदु रिलीजियस एंड चैरिटेबल इनडाउमेंट डिपार्टमेंट ने इस आदेश को पक्षपात पूर्ण बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इस मामले में अगली सुनवाई 18 जनवरी को होगी।
याचिका के अनुसार किसी खास मंदिर में व्यवस्था तथा शिष्टता कायम करने का अधिकार मंदिर प्रशासन के पास होता है। साथ ही किसी मंदिर का ड्रेस कोड वहां की परंपरा और रीति रिवाजों से तय होता है।
पहले देनी थी नोटिस
यह हर मंदिर के लिए अलग-अलग है। सभी मंदिरों में एक ही ड्रेस कोड के पालन
करने का कोई निर्देश नहीं है। जिस जज ने स्वत: संज्ञान लेकर विभाग को
अभियोजित किया, उन्हें पहले नोटिस देना चाहिए था और इस मुद्दे पर सरकार का
पक्ष सुनना चाहिए था।
याचिका में कहा गया है कि राज्य में इस बारे में पहले
से नियम है और अलग से किसी तरह के निर्देश की जरूरत नहीं है। इस मामले में
दो अन्य लोगों ने भी याचिकाएं दायर की हैं।
यह विवाद जस्टिस एस
वैद्यनाथन के पिछले साल 26 नवंबर को दिए आदेश से जुड़ा है। तिरुचिरापल्ली
जिले के मंदिर महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों को अनुमति देने संबंधी
याचिका पर सुनवाई के दौरान जज ने ड्रेस कोड को लेकर निर्देश जारी कर दिए
थे।