पहले पति से जन्मे बच्चे पर मां का पूरा अधिकार
पति की मृत्यु के बाद दूसरा विवाह करने लेने वाली मां को पहले पति से जन्मे नाबालिग बच्चे पर पूरा अधिकार है, इससे उसे वंचित नहीं किया जा सकता। मद्रास हाईकोर्ट ने महिला की सास को निर्देश दिया है कि वह बच्ची को उसकी मां को सौंप दे।
महिला ने कोर्ट में गुहार लगाई है कि उसके बच्चे को छीन लिया गया है, इसलिए अदालत उसकी सास से उसके बच्चे को वापस दिलाए।
शुभा ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर अपने बेटी काव्याश्री को अपनी सास के कब्जे से वापस दिलाने की अपील की थी।
पिता के न होने पर मां अभिभावक
मामले पर सुनवाई कर रही जस्टिस एस तमिलवानन और जस्टिस सीटी सेल्वम की पीठ
ने कहा कि याचिकाकर्ता बेशक नाबालिग बच्ची काव्याश्री की मां होने के साथ
उसके पिता के न होने से उसकी अभिभावक भी है।
कोर्ट ने कहा कि पति की मौत के
बाद किसी दूसरे व्यक्ति से शादी कर लेना अवैध नहीं है और न ही अनुचित
कार्य है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि बच्ची को जल्द से जल्द उसकी
मां को सौंप दिया जाए।
मालूम हो कि शुभा की शादी 2010 में हुई थी, 2013 में
पति द्वारा आत्महत्या कर लेने के बाद वह अपने माता-पिता के साथ रहने लगी।
इसी साल दो फरवरी को उसने दूसरी शादी कर ली थी।
शुभा के मुताबिक 25 फरवरी
को उसकी बेटी जब स्कूल से लौट रही थी तो उसका अपहरण कर लिया गया। इसके बाद
उसने पुलिस से शिकायत दर्ज कराई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, इसके बाद
उसने कोर्ट में गुहार लगाई।