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फूलन देवी हत्याकांड में 13 साल बाद आया फैसला

Fri, 08 Aug 2014 04:55 PM IST
Updated Fri, 08 Aug 2014 04:55 PM IST
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verdict in phoolan devi murder case

अदालत ने 13 वर्ष पूर्व तत्कालीन सपा नेता और सांसद फूलन देवी की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी शेर सिंह राणा को दोषी करार दिया। अदालत ने कहा कि सभी गवाहों व साक्ष्यों से स्पष्ट है कि राणा ने ही फूलन की हत्या की थी।

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साथ ही अदालत ने मामले में 10 अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया। आगामी 12 अगस्त को राणा को सजा सुनाई जाएगी।

पटियाला हाउस स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश भारत भूषण ने शुक्रवार को जैसे ही राणा को दोषी ठहराने व अन्य को बरी करने का फैसला सुनाया, राणा ने न्यायाधीश से पूछा, ‘आपने मात्र मुझे ही दोषी क्यों ठहराया है जबकि अन्य सभी यहीं पर हैं।’
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सजा का ऐलान 12 अगस्त को

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अदालत ने राणा को जवाब दिया कि आप को दोषी ठहराने के लिए ठोस साक्ष्य व गवाह हैं। आप इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दे सकते हैं। उन्होंने अपने फैसले में कहा कि वे सभी साक्ष्यों व गवाहों के बयानों के आधार पर राणा को फूलन देवी की हत्या करने व अन्य की हत्या के प्रयास के मामले में दोषी ठहराते हैं।

अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष शेष अन्य आरोपियों धन प्रकाश, शेखर सिंह, राजबीर सिंह, विजय सिंह उर्फ राजू (राणा का भाई), राजेंद्र सिंह उर्फ रविंद्र सिंह, केशव चौहान, प्रवीण मित्तल, अमित राठी, सुरेंद्र सिंह नेगी उर्फ सूरी व सवर्ण कुमार को अपराधी साबित करने में असफल रहा है।

राणा ने ल‌िया था बहमई हत्याकांड का बदला

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अत: वे संदेह का लाभ पाने के हकदार हैं। इसलिए इन सभी को इस आरोप से बरी किया जाता है। इस अन्य आरोपी प्रदीप सिंह की तिहाड़ जेल में नवंबर 2013 को मौत हो गई थी।

आरोप है कि 25 जुलाई 2001 को दोपहर करीब 1:15 बजे जब फूलन देवी संसद भवन से अपने निवास 44 अशोक रोड स्थित कोठी पर वापस आईं तो बी टी गंज रुड़की निवासी शेर सिंह राणा व उसके साथियों ने गोली मार कर उसकी हत्या कर दी थी।

पुलिस का आरोप है कि इन सभी ने वर्ष 1981 में फूलन द्वारा बेहमई में ठाकुर समुदाय के 17 लोगों की हत्या का बदला लेने के लिए फूलन की हत्या की थी।

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फूलन की बहन मुन्नी गवाही से मुकर चुकी हैं

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मामले में दिलचस्प पहलू है कि हत्या के समय घर में मौजूद फूलन की बहन मुन्नी देवी व उनके निजी सचिव रहे कालीचरण अदालत में अपनी गवाही से मुकर चुके हैं।

फूलन देवी की हत्या के आरोप में तिहाड़ जेल में बंद शेर सिंह राणा 17 फरवरी 2004 की सुबह सुरक्षाकर्मियों को गच्चा देकर जेल से फरार हो गया था। पुलिस ने उसे 24 अप्रैल 2006 को कोलकाता से गिरफ्तार किया था।

पुलिस ने उसके पास से संजय गुप्ता नाम से बना जाली पासपोर्ट बरामद किया था, जिस पर राणा का फोटो लगा था। यह पासपोर्ट उसने रांची से बनवाया था, जिससे वह कई देशों में गया। यह मामला अभी विचाराधीन है।

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