फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   BJP digged down Nehru's letter, that might get Congress in trouble

BJP ने ढूंढ़ा नेहरू का ऐसा पत्र, मुश्किल में पड़ जाएगी कांग्रेस!

Wed, 24 Dec 2014 03:46 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 24 Dec 2014 03:46 PM IST
विज्ञापन
BJP digged down Nehru's letter, that might get Congress in trouble

संसद में आए दिन हो रहे विपक्ष के हंगामे से निपटने और उन्हीं दांव-पेंचों से विपक्षी दलों को घेरने के लिए मोदी सरकार ने नया तरीका ढूंढ़ा है।

विज्ञापन


इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, संसदीय कार्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता वैंकैया नायडू ने बुधवार को अपने पार्टी के कई सांसदों को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 29 अगस्त 1944 को अपनी बहन कृष्णा नेहरू को लिखा पत्र बांटा।
विज्ञापन


इस पत्र को सांसदों को देते हुए उन्होंने सलाह दी कि वह तथ्यों के साथ विपक्ष का मुकाबला करें। नायडू के इस कदम से भाजपा अब विपक्ष को उसी के शब्दों में जवाब देने के मूड में नजर आ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नेहरू के इस पत्र में ज्योतिष पर विश्वास करने और त्योहारों पर छुट्टी को लेकर सबूत मिलते हैं। इस पत्र के दम पर सरकार शायद कुछ मुद्दों पर विपक्ष का मुंह बंद कराने में कामयाब हो पाएगी।

नेहरू के पत्र से कैसे घिरेगा विपक्ष?

BJP digged down Nehru's letter, that might get Congress in trouble

हाल ही में केंद्रीय शिक्षामंत्री स्मृति ईरानी राजस्‍थान के एक ज्योतिषी के पास गई थीं जिसे लेकर विपक्ष ने काफी हंगामा किया था।

विपक्षी दलों ने स्मृति के इस काम पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा ‌था वह ऐसा करके लोगों में अंधविश्वास फैला रही हैं। लेकिन नेहरू के इस पत्र में ज्योतिष के पास जाने का जिक्र मिलता है जिसका जवाब ढूंढना में कांग्रेस को मुश्किल हो सकती है।

जवाहरलाल नेहरू ने अपनी बहन कृष्‍णा को 29 अगस्त 1944 में एक पत्र लिखा था जिसमें कहा गया था वह उनके पोते राजीव गांधी के बारे किसी ठीक ज्योतिषी से सलाह ली जानी चाहिए।

इतना ही नहीं नायडू के कार्यालय ने 13 अप्रैल 1987 का एक नवोदय विद्यालय समिति का सर्कुलर पर भी विचार कर रहे हैं। इस सर्कुलर में समिति ने सुझाव दिया था कि त्योहारों के दौरान स्कूलों की छुट्टी न की जाए क्योंकि इससे बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed