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'भाजपा को प्रवचन न दें प्रधानमंत्री'

Fri, 22 Nov 2013 08:51 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 22 Nov 2013 08:51 PM IST
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venkaiah naidu bjp manmohan singh modi

भाजपा के पूर्व अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने कहा कि उनकी पार्टी को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के प्रवचन की जरूरत नहीं है।

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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खुद राज धर्म को निभाने में कितने सफल हुए हैं, यह पूरा देश जानता है। उनकी सरकार में जिस तरह जनता के हितों पर कुठाराघात हुआ, पैसों की लूट हुई। सरकार अपने वायदों को पूरा करने में विफल रही, यह सब जग जाहिर है।

नायडू ने प्रधानमंत्री के चुनावी भाषणों में भाजपा को दी गई नसीहतों पर पलटवार करते हुए कहा कि हमें संयत भाषा में बोलने की सलाह देने से पहले वे सोनिया, राहुल तथा दूसरे कांग्रेसी नेताओं के उन बयानों को देखें, जिनमें नरेंद्र मोदी तथा भाजपा के बारे में लगातार अपमानजनक टिप्पणियां की गई हैं।
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नायडू ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री हम पर नकारात्मक राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी आप और आपकी पार्टी को इस बारे में आत्मविश्लेषण करने की जरूरत है।
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सोनिया गांधी ने गुजरात के मुख्यमंत्री को ‘मौत का सौदागर’ और उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भाजपा को ‘चोरों की पार्टी’ कहा है। इसके अलावा दिग्विजय सिंह ने मोदी को ‘मनोरोगी, झूठा’ बताया, एक कांग्रेसी प्रवक्ता ने उन्हें ‘रावण’ तो विदेश मंत्री ने ‘बंदर’ कहा। नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री जी तब तो आप खामोश रहे और अब भाजपा को प्रवचन दे रहे हैं कि सार्वजनिक बहस में भाजपा वाणी पर संयम बरते।

नायडू ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ही नहीं कांग्रेस पार्टी भाजपा के पीएम उम्मीदवार मोदी का राजनीतिक और विचाराधारा के स्तर पर सामना नहीं कर पा रही। कांग्रेस को मोदी की बढ़ती लोकप्रियता हजम नहीं हो रही है, इसलिए उन पर अब कीचड़ उछाला जा रहा है।

नायडू ने पीएम पर सवाल दागते हुए कहा कि आप भाजपा व मोदी को ‘राज धर्म’ निभाने का प्रवचन देते फिर रहे हैं, लेकिन उस समय आपका राज धर्म कहां चला गया जब लाखों करोड़ों रुपये के सार्वजनिक धन की आपके शासन में लूट हो रही थी।


नायडू ने मनमोहन सिंह से पूछा कि यूपीए की सरकार बनते समय आपने 100 दिन में महंगाई पर काबू पाने का जनता से वादा किया था। नौ साल बाद भी आप वादा पूरा नहीं कर सके। विदेशों में जमा काला धन वापस लाने की बात हो या देश में महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने में, कांग्रेस और पीएम हर जगह राज धर्म निभाने में असफल रहे हैं।

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