वसुंधरा के बेटे की कंपनी में मोदी ने लगाया 'काला' पैसा
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ललित मोदी मामले में पहले सुषमा स्वराज के बाद अब वसुंधरा राजे से भी उनकी दोस्ती को लेकर कई खुलासे हो रहे हैं। ऐसा ही एक मामला प्रवर्तन निदेशालय की जांच में सामने आया है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय की तफ्तीश में जो सच सामने आया है उसके मुताबिक पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी की ओर से वसुंधरा राजे के बेटे और भाजपा सांसद दुष्यंत सिंह की कंपनी में 11.63 करोड़ का निवेश किया गया।
प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों के मुताबिक ललित मोदी की फर्म आनंद हेरिटेज होटल्स प्राइवेट लिमिटेड (AHHPL) में मॉरीशस की अज्ञात कंपनी विल्टन इन्वेस्टमेंट लिमिटेड से 21 करोड़ रुपये भेजे गए। इसी पैसे का एक हिस्सा दुष्यंत सिंह की फर्म नियंत हेरिटेज होटल्स प्राइवेट लिमिटेड में भेजा गया।
पैसों का ये भुगतान अप्रैल 2008 में 3.80 करोड़ रुपये असुरक्षित ऋण के जरिए दी गई। बाद में दो किस्तों में 815 शेयरों का अधिग्रहण किया गया। इस तरह से मोदी की ओर से करीब 11.63 करोड़ रुपये ऋण और शेयर के जरिए दुष्यंत की कंपनी को दिए गए।
भाजपा सांसद दुष्यंत सिंह को लेकर खुलासा
मोदी के आनंद हेरिटेज में असामान्य कीमत पर दुष्यंत सिंह को शेयर खरीदने की पेशकश की गई। राजस्थान के मुख्यमंत्री के रूप में वसुंधरा राजे के पहले कार्यकाल के दौरान ये कदम उठाया गया जिससे निवेशकों का ध्यान खिंचा गया। मोदी ने 96,180 रुपये प्रत्येक के प्रीमियम पर 10 रुपये में इन शेयरों को खरीदा।
इस मामले में जब दुष्यंत सिंह से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने शेयर प्रीमियम को लेकर बचाव किया। उनके मुताबिक, "व्यापारिक फैसले के तहत ही शेयर और प्रीमियत तय किए। इसमें कीमत और कंपनी की भावी स्थिति को लेकर फैसला लिया गया। लिखित जानकारी के मुताबिक दो वित्तीय साल में मोदी की फर्म में असामान्य लोन के तहत 3.80 करोड़ रूपये भेजे गए।
दुष्यंत और उनकी पत्नी निहारिका नियंत हेरिटेज होटल के निदेशक हैं। जहां उन्होंने अलग-अलग पचास हजार का निवेश किया। उस समय कंपनी NHHPL में 10 लाख रुपये की कुल अधिकृत पूंजी थी। साल 2005 में कंपनी के शेयरों की कीमत 10 रुपये प्रत्येक आंकी गई। हालांकि बाद में मोदी ने जब इस फर्म के शेयर खरीदे, उन्होंने 96, 190 में इसे बेच दिया।
प्रवर्तन निदेशालय के अहम खुलासे
प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक 815 शेयरों के लिए 7.80 करोड़ भेजे गए। हालांकि एनएचएचपीएल को सही कीमत तब मिली जब उन्होंने इसे मोदी को बेच दिया गया।
फिलहाल इस खुलासे के बारे में जब दुष्यंत सिंह से पूछा गया कि शेयर की कीमत 10 रुपये होते हुए 96,180 में क्यों बेचा गया तो उन्होंने बताया कि इसकी सारी जानकारी अकाउंट बुक में मौजूद है। इसमें मैं कोई सफाई नहीं देना चाहता। उन्होंने कहा कि मुझे किसी जांच को लेकर अभी कोई जानकारी नहीं है।
फिलहाल इस खुलासे से साफ है कि कहीं न कहीं इस सुषमा स्वराज और सुशील मोदी के बीच उभरे विवाद की जद में वसुंधरा राजे और उनका परिवार भी आ गया है। इस विवाद की आंच यहीं नहीं रूकती है।
ललित मोदी की पत्नी हैं वसुंधरा की करीबी!
ऐसा ही एक और मामला तब का है जब ललित मोदी की पत्नी की सर्जरी लिस्बन अस्पताल में हुई थी। इस सर्जरी के करीब दो महीने बाद राजस्थान सरकार ने लिस्बन अस्पताल के साथ एमओयू साइन किया था।
इस बारे में पता चला है कि ललित मोदी की पत्नी मीनल के एक अज्ञात अस्पताल चंपालीमाउड सेंटर में इलाज के 2 महीने बाद राजस्थान सरकार ने 2 अक्टूबर, 2014 में जयपुर में राज्य के-कला कैंसर संस्थान स्थापित करने के लिए एक निजी पुर्तगाली, जैव चिकित्सा अनुसंधान संगठन के साथ समझौता किया।
हालांकि इस मामले के सामने आने के बाद राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र सिंह ने बताया कि राज्य सरकार को इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। हमें पता नहीं था कि ललित मोदी की पत्नी की इलाज उसी पुर्तगाली अस्पताल में किया गया जिसके साथ राजस्छान सरकार ने समझौता किया है।
ललित मोदी के इंटरव्यू से कई खुलासे
हालांकि ललित मोदी ने एक इंटरव्यू में ऐसा ही खुलासा किया जिसमें उन्होंने बताया कि साल 2012-13 में उनकी पत्नी से मिलने के लिए वसुंधरा राजे पहुंची थी।
इसके बाद ही वसुंधरा राजे की उपस्थिति में ही चंपालीमाउड फाउंडेशन के आधिकारिक बोर्ड के अध्यक्ष लियोनॉर बेलेजा ने एक एमओयू शामिल किया। जिसमें राजस्थान स्वास्थ्य शिक्षा के प्रधान सचिव जेसी मोहंती भी शामिल थे।
इस मामले के सामने आने के बाद वसुंधरा सरकार सवालों में है। अब देखना होगा कि इस खुलासे की आंच किसकदर राजस्थान की वसुंधरा सरकार तक पहुंचती है।